
Mirzapur Flood news: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद यहां सिंचाई विभाग ने अदवा बांध के 6 गेट को खोल दिया है, जिसके बाद कई सड़के जलमग्न हो चुकी हैं, वही हलिया-हथेड़ा मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। वहीं, मिर्जापुर को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाला रास्ता भी पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रास्ते पर आवागमन रोक दिया है।
मिर्जापुर में बाढ़ में अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। करीब दो दर्जन से अधिक गांवों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है और ये गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। वहीं, अदवा बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने इसके छह गेट को खोल दिया है, जिसके बाद अगवा नदी उफान पर आ गई है। निचले इलाकों में पानी भरने से कई सड़के जलमग्न हो चुकी है और उन पर यातायात पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हलिया-ड्रामंडगंज मुख्य मार्ग पर भी बांध के खोले जाने के कारण पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिसके बाद इस पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। आवागमन प्रतिबंधित होने के बाद दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। बता दे कि यह सड़क उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश से जोड़ने का मुख्य मार्ग है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बांध से पानी छोड़ जाने के बाद इलाके में बाढ़ जैसे माहौल उत्पन्न हो गए हैं। कई मकानों और दुकानों में पानी घुस चुका है और ऐसे में लोगों को लाखों रुपए का नुकसान भी हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि उत्तर प्रदेश को एमपी से जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग प्रत्येक साल बाढ़ की चपेट में आ जाता है, लेकिन ना तो जिला प्रशासन और न ही प्रदेश स्तर पर इसका कोई स्थाई समाधान निकाला गया। वहीं, जिला प्रशासन ने बांध के गेट को खोले जाने के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। सिंचाई विभाग के अधिकारी, अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को अदवा नदी से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। इसके साथ ही जल भराव वाले क्षेत्रों में आवागमन से बचने के लिए लोगों को चेतावनी दी गई है। सिंचाई विभाग के अभियंता सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि जैसे-जैसे अदवा नदी का जलस्तर कम होगा, वैसे-वैसे पानी का बहाव कम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल जलस्तर में कमी आने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।