
मिर्ज़ापुर. गुजरात मे यूपी और बिहार के लोगो पर हमले और उन्हें वहां से भगाने की खबरों के बाद गुजरात से आने वाली ट्रेनें वहां मजदूरी कर रोजी-रोटी कमाने गए मजदूरों से भरकर आ रही हैं। मंगलवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस से बड़ी तादद में गुजरात से यूपी और बिहार के मजदूर लौटे। उन लोगों ने बताया कि वह जान बचाकर भागे हैं। इतना ही नहीं जब वह ट्रेन पर सवार हो गए तो उनकी ट्रेन पर भी पथराव किया गया। इसके अलावा ट्रेन यात्री से कुछ लोगों द्वारा छिनैती करने का भी दावा किया।
सूरत से छपरा को जाने वाली ताप्तीगंगा एक्सप्रेस मंगलवार को मिर्जापुर पहुंची तो उसमें सामान्य यात्रियों के साथ ही रोजगार कमाने के लिये गए मजदूरों की संख्या ज्यादा थी, जो वहां से डरकर भाग आए हैं। उन लोगों ने बताया कि ताप्ती गंगा ट्रेन से अक्सर लोग गुजरात कमाने जाते हैं। पर यही ट्रेन हमें वहां से सुरक्षित भागकर आने में सहारा बनी है। बताया कि जब से सूरत में यूपी और बिहार के लोगों के लिये माहौल बदला है और उन्हें वापस लौटने के लिये धमकाया जा रहा है, तब से यह ट्रेन भी उन लोगों के निशाने पर है। जब हम वापस लौट रहे थे तब भी कुछ लोगों ने उधना के पास पथराव किया, हालांकि तब तक ट्रेन तुरंत चल दी।
सूरत में पिछले 15 साल से कारपेंटर की नौकरी करने वाले महेश गुजरात में बिगड़ते हालात पर कहते हैं कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा, जो अब हो रहा है। हालांकि यह विरोध ज्यादातर अहमदाबाद के आस-पास के इलाकों में ही है, पर डर और खौफ हर जगह फैला हुआ है। महेश ने बताया कि पहली बार है कि उन्हें सूरत से लौटने में डर लगा। ताप्ती गंगा से ही उतरे राहुल ने बताया कि उधना रेलवे स्टेशन के पास तीन से चार लोगों ने बोगी में यात्रा कर रहे यात्री का पर्स और मोबाइल छीन लिया। उसने कहा कि हालांकि गुजरात के और हिस्सों में माहौल अभी बहुत खराब नहीं, बाहरी लोग वहां काम कर रहे हैं।
By Suresh Singh