
गुजरात में भड़की हिंसा से बचने के लिए यहां छिपे लोग, ऐसे बचा रहे अपनी जिंदगी
नई दिल्ली। गुजरात में एक नाबालिग के साथ हुए बलात्कार की घटना के बाद प्रदेश का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उत्तर भारतीय (बिहार, यूपी) लोगों को गुजरात छोड़कर जाने की धमकी दी जा रही है। आलम ये है कि अब तक हजारों लोग गुजरात छोड़ चुके हैं। इतना ही नहीं जो बचे हैं वे डरे, सहमे हैं और छिपकर रह रहे हैं। इसी बीच, अहमदाबाद में कुछ लोग एक सीक्रेट कैंप में जा कर छिप गए हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के 25 लोग एक फॉर्म हाउस में रविवार से छिपे हैं।
दो मंजिला फार्म हाउस में छिपे हैं लोग
बताय जा रहा है कि यहां ठाकोर समुदाय का दबदबा है। यह दो मंजिला फार्म हाउस, खेतों से घिरा हुआ है। जिसकी वजह से यह मुख्य सड़क से आसानी से दिखाई नहीं देता है। इस गुप्त कैंप को अहमदाबाद जिले में उत्तर भारतीय विकास परिषद ने बनाया हुआ है। यहां उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के प्रवासी मजदूरों को शरण दी जा रही है, क्योंकि उनपर राज्यभर में हमले हो रहे हैं। परिषद के मुखिया श्याम सिंह ठाकोर का कहना है कि परिस्थितियां नियंत्रण में आने तक प्रवासियों के रहने के लिए यहां अस्थायी इंतजाम कर दिए गए हैं। हम इन स्थानों का खुलासा नहीं करना चाहते हैं। इन क्षेत्रों को शॉर्टलिस्ट करने से पहले बहुत ध्यान से रेकी की गई थी। बता दें कि यह इलाका गृह राज्यमंत्री प्रदीप जडेजा के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसलिए, यहां कानून व्यवस्था का उल्लंघन नहीं होगा। लिहाजा, लोग काफी महफूज हैं।
2016 में हुई थी फॉर्म हाउस की स्थापना
जानकारी के मुताबिक, इस परिषद की स्थापना 2016 में अहमदाबाद में हुई थी। इसे यूपी, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, एमपी और हरियाणा के ट्रस्टी चलाते हैं। ठाकुर के अनुसार इसमें विभिन्न राजनीतिक पार्टियों जैसे कि भाजपा, कांग्रेस और सपा के 32,000 सदस्य हैं। जिन मजदूरों ने फार्म हाउस में शरण ली है वह गांधीनगर के देहगाम की स्नैक्स फैक्ट्री में काम करते हैं। शनिवार शाम को जब भीड़ ने उनकी फैक्ट्री पर हमला किया तो वह दो या चार लोगों के समूह में बंट गए। बहरहाल, गुजरात में अभी भी माहौल तनावपूर्ण हैं और उत्तर भारतीय लोग काफी दहशत में हैं। वहीं, पलायन का सिलसिला लगातार जारी है।
Published on:
9 Oct 2018, 3:05 PM IST
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