मिर्जापुर

Mirzapur: UP की इस दरगाह में 350 सालों से लगता भूतों का मेला, जानें कौन है शेर से लड़ने वाले बेचू वीर बाबा?

UP News: उत्तर प्रदेश में कई ऐसी जगह है, जहां पर भूत-प्रेत और चुड़ैल से पीड़ित लोग आते हैं।

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Mirzapur Bechu Bir Baba: आज के आधुनिक समय में लोग भूत-प्रेत और चुड़ैल जैसी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं। लेकिन हम सब के बीच एक ऐसी शक्ति या ऊर्जा रहती है, जिसे देखा तो नहीं जा सकता पर महसूस किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में कई ऐसी जगह है, जहां पर भूत-प्रेत और चुड़ैल से पीड़ित लोग आते हैं। इन्हीं जगहों में से एक है उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला। दूर-दूर से भूत-प्रेत से पीड़ित लोग यहां आते हैं। तो आइए जानते हैं यूपी में भूत-प्रेत भगाने के लिए मशहूर स्थान कौन-कौन सी है।

UP का मिर्जापुर जिला 

उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला अपने आप में काफी मशहूर है। मिर्जापुर से करीब 70 किलोमीटर दूर बरही गांव के अहरौरा में बेचू वीर बाबा का दरगाह है। यहां प्रतिदिन भूतों और प्रेतों का मेला लगता है। इस जगह पर भूत-प्रेत से परेशान हुए लोग आते हैं। आने वाले लोगों में सबसे ज्यादा बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से लोग भूत प्रेत से मुक्ति पाने के लिए आते हैं। बेचू वीर बाबा के बारे में मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भूत और चुड़ैल से छुटकारा मिलता है।

बेचू वीर बाबा के दरबार में 350 साल से लग रहा है भूतों का मेला

बेचू वीर बाबा के दरबार में 350 साल से भूत और प्रेतों का मेला लग रहा है। यहां दूर-दूर से लोग भूत-प्रेत की बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए आते हैं। बेचू वीर बाबा वह जगह है जहां भूत-प्रेत भगाया जाता है। यदि आप भी भूत-प्रेत के शिकार हैं तो यहां जरूर जाएं।

जानें बेचू वीर बाबा की कहानी 

मिर्जापुर में बेचू वीर बाबा की कहानी बहुत ही ज्यादा फेमस है। कहा जाता है बेचू वीर बाबा भगवान शिव शंकर के भक्त थे। उन पर एक शेर ने हमला कर दिया था। शेर के हमले से बेचू वीर बाबा घायल हो गए। घायल अवस्था में उन्होंने अपने इष्ट देव को याद किए। जहां आकाशवाणी हुई कि जिस शेर से लड़ाई हुई वो कोई साधारण शेर नहीं था। वह खुद भगवान भोले शंकर थे। इसके बाद बाबा अपने घर पहुंचे और लोगों से कहा मेरे मरने के बाद मेरी समाधि स्थल बनाकर जो भी पूजा करेगा उन सबका कल्याण होगा। इसके साथ ही जिन लोगों के शरीर पर भूतों- प्रेतों का कब्जा होगा। वह बेचू वीर बाबा के दरबार में आकर मत्था जरूर टेके।

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