
नई दिल्ली। नगरोटा के पास बान टोल प्लाजा पर बीते गुरुवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें चार आतंकी मारे गए। यह एक खुफिया अभियान था।
सुरक्षाबलों के अनुसार इसका उद्देश्य एक बड़ा हमला हो सकता था, जिसकी योजना सीमा पार से बनाई गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मारे गए आतंकियों के पास से जीपीएस डिवाइस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
इसके आधार कई सूचनाएं हाथ लगी हैं। वे पाक स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के ऑपरेशनल कमांडरों मुफ्ती रऊफ असगर के संपर्क में थे। इसी के निर्देश पर वे आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। मुफ्ती असगर जेएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र नामित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर का छोटा भाई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नगरोटा एनकाउंटर में ढेर हुए चारों आतंकवादी मुंबई हमले (26/11) की बरसी के मौके पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे। समीक्षा बैठक में नगरोटा एनकाउंटर पर विस्तार से चर्चा की गई।