विविध भारत

पुरुषों को 56 और महिलाओं को 65 प्रतिशत डायबिटीज का खतरा, इनमें आधे से ज्यादा 20 साल से अधिक उम्र के लोग

Highlights. - महानगरों में गुणवत्तापूर्ण आहार का अभाव है तथा शारीरिक गतिविधि में कमी होने से मधुमेह बढ़ रहा है - डायेबेटोलॉजिया’ जनरल में प्रकाशित स्टडी में यह दावा किया गया है - अध्ययन में महानगरों में रहने वाले विभिन्न आयु वर्ग या बॉडी मास इंडेक्स के लोगों को शामिल किया गया  
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Feb 15, 2021
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नई दिल्ली.

देश में 20 साल आयु वर्ग के लोगों में से आधे से अधिक पुरूष एवं दो तिहाई महिलाओं को जीवन में डायबिटीज (मधुमेह) की बीमारी हो सकती है। इनमें से ज्यादातर को टाइप टू का मधुमेह होने की आशंका है। हाल ही 'डायेबेटोलॉजिया’ जनरल में प्रकाशित स्टडी में यह दावा किया गया है। अध्ययन में महानगरों में रहने वाले विभिन्न आयु वर्ग या बॉडी मास इंडेक्स के लोगों को शामिल किया है।

देश में 7.7 करोड़ व्यस्क पीडि़त

वैज्ञानिकों के अनुसार, देश में करीब 7.7 करोड़ वयस्क मधुमेह से पीडि़त हैं। 2045 तक इस संख्या के दोगुना होने की आशंका है। तब तक 13.4 करोड़ लोग मधुमेह से पीडि़त हो सकते हैं। देश में शहरीकरण तेजी से हो रहा है। गुणवत्तापूर्ण आहार का अभाव है तथा शारीरिक गतिविधि में कमी होने से मधुमेह बढ़ रहा है।

महिलाओं को खतरा अधिक

अध्ययन सेंटर फॉर काडिज़्योमेटाबोलिक रिस्क रिडशन इन साउथ एशिया के आंकड़ों (2010-2018) पर आधारित है । इस के आधार पर कहा गया है कि 20 साल के ऐसे पुरूष एवं महिलाएं जिन्हें आज मधुमेह नहीं है, उनमें जीवन काल में यह बीमारी होने का खतरा क्रमश: 56 एवं 65 प्रतिशत है। अध्ययन में कहा गया है कि पूरे जीवन में आम तौर पर महिलाओं के मधुमेह का खतरा अधिक रहता है।

मोटे लोगों में आशंका और ज्यादा

अध्ययन के अनुसार ऐसे लोग, जिनकी उम्र 60 साल है और मधुमेह नहीं है, उनमें से 38 फीसदी महिलाओं एवं 28 फीसदी पुरुषों में मधुमेह का खतरा रहेगा। 20 साल वाले मोटे लोगों में महिलाओं में मधुमेह का खतरा 86 एवं पुरुषों में 87 प्रतिशत है।

Published on:
15 Feb 2021 08:15 am