
नई दिल्ली. घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करने वालों की सैलरी कट सकती है। दरअसल, श्रम मंत्रालय इसे लेकर एक ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, जिसमें लोगों से सुझाव भी मांगे गए हैं। मंत्रालय के पास कुछ सुझाव ऐसे भी हैं, जिनमें घर से काम करने वालों की सैलरी कट सकती है। सर्विस सेक्टर, आइटी प्रोफेशनल्स पर गाज गिर सकती है। कोरोना के दौरान महानगरों को छोड़कर छोटे शहरों में अपने घर जाकर शिफ्ट होने वालों और वहीं से काम करने वालों के बारे में कंपनियों का मानना है कि इस दौरान कई तरह के भत्तों का उपयोग नहीं हो सका है।
कर रही विचार: कई सेक्टर की कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की सैलरी कट करने का विचार कर रही हैं। इनमें सर्विस, आइटी, आइटीएस, फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर शामिल हैं। दरअसल सुझाव दिया गया है कि ऐसे कर्मचारी जो छोटे शहरों में शिफ्ट हो चुके हैं, उनका खर्च घट गया है। लिहाजा उनका भत्ता कम किया जाए, क्योंकि कई कंपनियों ने कई अलाउंस दिए हंै।
यह कहता है मंत्रालय का ड्राफ्ट
मंत्रालय का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद अगर नया नियम होता है, तो कंपनियों को छोटे शहरों में घर से काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी की कॉस्ट पर 20 फीसदी तक बचत हो सकती है। यहां तक कि कई कंपनियों के एचआर प्रोफेशनल ने ऐसे कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करने पर विचार शुरू कर दिया है।
1 अप्रेल से लागू होंगे नए नियम
वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट में बदलाव करने के लिए मंत्रालय ड्राफ्ट पर तेजी से काम कर रहा है। माना जा रहा है कि नए नियम 1 अप्रेल, 2021 से लागू हो जाएंगे। वहीं बजट में भी वर्क फ्रॉम होम वाले कर्मचारियों को लेकर कुछ घोषणाएं हो सकती हैं। जहां तक सैलरी में कटौती की बात है, तो कई कंपनियां ट्रांसपोर्ट जैसे भत्तों को हटाने की बात कर रही हैं, क्योंकि कोरोना के दौरान कर्मचारियों को ऑफिस नहीं आना पड़ा है। लिहाजा इस भत्ते का उपयोग नहीं रह जाता।