
नई दिल्ली : परिवहन विभाग ने अगस्त के अंतिम हफ्ते में शुक्रवार को एक गाइड लाइंस जारी किया था। इसके तहत दिल्ली से पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों को दिल्ली से हटा कर उसे इको फ्रेंडली तरीके से दिल्ली में बनाए गए अधिकृत स्क्रैप केंद्रों पर उन्हें नष्ट करना है। बता दें कि इन सेंटरों पर दूसरे राज्यों से आए वाहनों को भी नष्ट किया जा सकेगा। सोमवार से दिल्ली परिवहन विभाग ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। आज से दिल्ली में 15 साल से पुराने डीजल वाहनों के खिलाफ धर-पकड़ अभियान शुरू हो गया। इस अभियान को परिवहन विभाग नगर निगम के साथ मिल कर दिवाली तक चलाएगा।
पंजीकरण निरस्त किया
बता दें कि परिहन विभाग ने 15 साल पुरानी डीजल गाड़ियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। एक अनुमान है कि दिल्ली में ऐसी गाड़ियों की तादाद काफी है। दो लाख से ज्यादा तो सिर्फ कारें होंगी। इस अभियान के तहत कारें जब्त कर सरकार बनाए गए अधिकृत स्क्रैप केंद्रों पर ले जाकर उन्हें नष्ट कर देगी। धर पकड़ के लिए परिवहन विभाग उन पतों का भी सहारा लेगी, जिन पतों पर गाड़ियां रजिस्टर्ड की गई थी। वह वहां जाकर भी ऐसी गाड़ियों को उठा लेगी। यह नियम दो पहिया, तिपहिया सहित अन्य सभी वाहनों पर लागू होगा।
1000 का चालान भी कटेगा
इतना ही नहीं, अगर किसी के पास प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होगा तो परिवहन विभाग उन सभी से 1000 रुपए का चालान भी काटेगा।
मिलेगी इन समस्याओं से भी राहत
बता दें कि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। इन गाड़ियों के हटने से दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से भी निबटने में मदद मिलेगी। वर्तमान में दिल्ली दुनिया के टॉप 5 प्रदूषित शहरों में से एक है। इसके अलावा शहर में इतनी अधिक गाड़ियां हैं कि पार्किंग भी एक बड़ी समस्या बन गई है। गाड़ी पार्क करने को लेकर कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती है। साथ में सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे निबटना भी चुनौती बनी हुई है।