विश्व उमिया फाउंडेशन (वीयूएफ) की रविवार को पहली उद्घाटन बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जमकर पैसे बरसे। इस बैठक में पाटीदार समुदाय ने केवल तीन घंटे के भीतर 150 करोड़ रुपये जुटाने का वचन दिया।
अहमदाबाद। विश्व उमिया फाउंडेशन (वीयूएफ) की रविवार को पहली उद्घाटन बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जमकर पैसे बरसे। इस बैठक में पाटीदार समुदाय ने केवल तीन घंटे के भीतर 150 करोड़ रुपये जुटाने का वचन दिया। इसका मतलब इस बैठक में हर मिनट 84 लाख रुपये देने का वादा किया गया। यह रकम विश्व उमियाधाम नामक मंदिर-सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए देने का वादा किया गया। करीब 40 एकड़ में फैले विश्व उमियाधाम को 2024 तक पूरा किए जाने की योजना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्व उमियाधाम 1,000 करोड़ रुपये की परियोजना है और यह मंदिर इस समुदाय की दो प्रमुख उप-जातियों में से एक कड़वा पाटीदार की कुल देवी उमिया माता को समर्पित है। इस मंदिर परिसर के भीतर ही एक अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं, खेल और सांस्कृतिक केंद्र, शिक्षा संस्थान और महिला-पुरुष छात्रावास भी निर्मित किए जाएंगे।
इस परियोजना के संचालक सीके पटेल हैं जो भाजपा के सदस्य होने के साथ ही अमरीका में मोटल्स ही चलाते हैं। पटेल कहते हैं, "विश्व उमिया फाउंडेशन ने अब तक इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। रविवार को हमनें एकजुट होकर अतिरिक्त 150 करोड़ रुपये देने का वादा किया जो किसी सामाजिक कार्य के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।"
150 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम रकम का एक बड़ा हिस्सा यानी 50 करोड़ रुपये देने का वादा मुंबई के पटेल परिवार ने किया है जो मूलरूप से मेहसाणा गांव के नजदीक नदासा से ताल्लुक रखते हैं। मुंबई के वाल्केश्वर, गोरेगांव और दादर क्षेत्र में अपने प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट लॉन्च करने वाले भाइयों मंगल (93) और नारण पटेल (88) का यह भी दावा है कि उनके परिवार ने ही गोरेगांव में उमिया माता मंदिर बनाने के लिए जमीन दान दी थी।
सीके पटेल कहते हैं, "दान देने की प्रेरणा स्वयं माता देती हैं। यह मंदिर एक सामुदायिक केंद्र होगा।" वहीं, इन दोनों भाइयों ने हरिद्वार में उमिया धाम की स्थापना के लिए 71 लाख रुपये का दान दिया है। इससे पहले रविवार को गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विश्व उमिया फाउंडेशन के केंद्रीय कार्यालय का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। परियोजना से जुड़े आरपी पटेल कहते हैं कि विभिन्न 250 ट्रस्टियों ने 25 लाख या इससे ज्यादा का दान देने का वचन दिया है।