कोरोना ( Corona ) महामारी के चलते विदेशों में फंसे नागरिकों को भारत ने स्वदेश लाने की शुरुआत की एयर इंडिया की फ्लाइट सिंगापुर से राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ( IGI ) पहुंची
नई दिल्ली।कोरोना वायरस ( Coronavirus ) महामारी के चलते विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को भारत ने स्वदेश लाने की शुरुआत कर दी है। इसके लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ( Indian Ministry of External Affairs ) ने मिशन वंदे भारत ( Vande Bharat Mission ) की शुरुआत की है। इस मिशन के अंतर्गत दूसरे देशों में फंसे एक लाख 90 हजार भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जाएगा। भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ( Air India ) ने इसके लिए स्पेशल फ्लाइट्स ( Special flights ) का संचालन शुरू किया है। इस क्रम में एयर इंडिया की पहली फ्लाइट शुक्रवार को सिंगापुर से राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ( IGI ) पर पहुंची। पूर्वान्ह 11:50 बजे 234 यात्रियों को लेकर यह विमान हवाईअड्डे पर पहुंचा। ये भारतीय कोविड-19 के कारण विदेश में फंसे हुए थे।
यह एयर इंडिया की पहली उड़ान है, जिसे वंदे भारत मिशन के तहत संचालित किया गया। इस फ्लाइट ने गुरुवार रात करीब 11.20 बजे आईजीआई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। एयर इंडिया के अलावा, राष्ट्रीय वाहक की सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी सरकार द्वारा किए गए इस निकासी कार्यक्रम के तहत उड़ानें संचालित की हैं। आपको बता दें कि मिशन वंदे भारत के अंतर्गत ही इंडियन नेवी ने सेतु समुद्र प्लान की भी शुरुआत की है। इसके लिए नेवी के तीन आईएनएस जहाजों को लगाया गया है। ये जहाज पानी के रास्ते मालदीव में फंसे भारतीय यात्रियों को स्वदेश लेकर आएंगे।
आपको बता दें कि भारत सरकार का मिशन वंदे भारत दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा एयर लिफ्ट प्रोग्राम माना जा रहा है। इसके पहले 1990 में भारत ने कुवैत से लगभग 1.75 लाख भारतीयों को एयरइंडिया के विमानों से एयरलिफ्ट किया था। उस समय इराक और कुवैत के बीच युद्ध चल रहा था। तब इराक ने कुवैत के एक बहुत बड़े भू भाग पर कब्जा कर लिया था।