
नई दिल्ली। दिवाली से पहले सभी जांच और खुफिया एजेंसियों को चेतावनी जारी की गई है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सभी एजेंसियों से कहा है कि देश में अवैधरूप से भारी मात्रा में खतरनाक चीनी पटाखे पहुंचना शुरू हो चुके हैं।
डीआरआई के मुताबिक विदेशी व्यापार नीति के अंतर्गत पटाखों का आयात 'प्रतिबंधित' है। बताया जा रहा है कि ना केवल चीनी पटाखे पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं बल्कि विस्फोटक नियम 2008 के भी खिलाफ हैं। इसकी वजह इनमें लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड और लिथियम समेत अन्य प्रतिबंधित रसायनों की मात्रा होना है।
वहीं, सूत्रों का दावा है कि चीनी डीलर्स भारतीय बाजार को इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने सालाना वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करना है।
डीआरआई द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, "विदेशी व्यापार नीति के अंतर्गत पटाखों का आयात प्रतिबंधित है और यह केवल विदेशी व्यापार महानिदेशक द्वारा जारी आयात लाइसेंस मिलने पर ही मंगलाए जा सकते हैं। ऐसा देखा गया है कि लाइसेंसिंग से जुड़ी आवश्यकताओं को दरकिनार करने के लिए, बेईमान आयातक किसी भी तरह के दुस्साहस और छिपाकर अवैध आयात में शामिल हैं।"
बयान में आगे लिखा गया, "इस संबंध कार्यालय द्वारा पूर्व में कई अलर्ट जारी किए जा चुके हैं। सीमा शुल्क प्रवर्तन विंग द्वारा इस तरह मंगाए गए पटाखों की जब्ती, गलत ढंग से पटाखों के अनाधिकृत आयात के लिए संस्थाओं के बेहतरीन प्रयासों की गवाही देते हैं। यह एक गंभीर मामला है और चिंता का एक गंभीर विषय है।"
इसे लेकर डीआरआई ने सभी जांच और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे चीन से आयात होने वाले पटाखों की खोज करें और भविष्य में इस तरह के जब्त किए गए मामलों की जानकारी दें।
एजेंसियों को भेजे गए पत्र में आगे लिखा गया कि चीन समेत अन्य देशों से आयात होने वाले उपभोक्ता और अन्य माल की सावधानीपूर्वक जांच करें ताकि अवैध आयात की संभावनाएं पता चल सकें।