आंध्र प्रदेश में नेल्लोर जिले के एक छोटे से गांव में आयुर्वेदिक दवा से कोरोना वायरस के इलाज का दावा किया जा रहा है
नई दिल्ली।कोरोना वायरस की दूसरी लहर ( Second wave of coronavirus ) ने देशभर में तबाही मचाई हुई है। यही वजह है कि सरकार से लेकर आम जन तक इस महामारी का पुख्ता इलाज तलाशने में जुटे हैं। इस बीच कई लोग कोरोना के देसी इलाज होने का भी दावा कर रहे हैं। कोई गोमूत्र के सेवन से इसकी रोकथाम बता रहा है तो कोई इस जानलेवा बीमारी से निजात पाने के लिए जादू टोने तक पर विश्वास कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में सामने आया है। यहां एक छोटे से गांव में कोरोना के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। दरअसल, यहां आनंदैया नाम के एक आयुर्वेद डॉक्टर ने कोरोना को मिटाने वाली
देसी उपचार सोशल मीडिया पर वायरल
सफल देसी दवाई बनाने का दावा किया है। इस डॉक्टर का यह देसी उपचार सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसकी वजह से कोरोना की यह दवाई लेने के लिए आसपास और दूर दराज के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। यही नहीं सीमावर्ती राज्यों के लोग यह दवाई लेने नेल्लोर के इस छोटे गांव में पहुंच रहे हैं।
निशुल्क दी जा रही कोरोना की दवा
यहां एक रोचक बात यह है कि आनंदैया अपनी इस देसी दवाई का कोई चार्ज नहीं कर रहे हैं, बल्कि मानव सेवा के लिए इसको निशुल्क दिया जा रहा है। इस बीच जिन मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर है, उनको एक आईड्रॉप दिया जा रहा है। हालांकि किसी भी स्तर पर अभी इसकी कोई पुष्टी नहीं हुई है कि यह दवाई कोरोना मरीज को ठीक भी कर रही है या नहीं? वहीं, स्थानीय प्रशासन ने अहतियात बरतते हुए फिलहाल इस दवा के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।