
कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान पुलिसकर्मी कोरोना वॉरियर (Corona Warriors) के रूप में उभरकर सामने आए हैं। यहां तक कि अपनी जान तक जोखिम में डालकर उन्होंने लोगों की हरसंभव मदद की है। अब पुलिसकर्मियों के सामने एक और चुनौती है। पुलिसकर्मियों को अपने साथ एक्ट्रा मास्क और सेनिटाइजर भी रखना होगा। यह नया नियम पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव की ओर से जारी किया गया है। नियम के मुताबिक हर जांच अधिकारी को अपने साथ मास्क और सेनिटाइजर रखना होगा। अपराधी को गिरफ्तार करने से पहले उसे ये दोनों चीजें देनी होंगी।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार- कोरोना से बचाव के लिए पुलिस के अन्य सामान जैसे लाठी और बैरिकेड्स को भी उपयोग में लाने से पहने सेनिटाइज करना जरूरी होगा। ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माने के रूप में राशि डिजिटल माध्यम से ही ली जाए।
कोरोना से बचाव के लिए नए नियम
श्रीवास्तव के अनुसार- सभी पुलिसकर्मियों के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है। पुलिस अब अपराधिक गतिविधियों पर भी फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चौथे चरण में कई कामों में छूट दी गई है। मार्केट में दुकानें खुलने लगी हैं और सड़कों पर आवाजाही भी बढ़ रही है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए ही नए नियम और व्यवस्था बनाई गई है। जब तक कोरोना का खतरा बना हुआ है, इन नियमों का पालन किया जाएगा।
लॉकडाउन के दौरान कम हुआ आपराध का ग्राफ
पिछले सोमवार तक जरूरी चीजों के लिए ही नियमों में छूट थी, इसलिए दिल्ली में अपराधों का ग्राफ काफी नीचे आ गया था। इस दौरान अपराध के बहुत कम मामले सामने आए। पुलिसकर्मी भी लॉकडाउन के दौरान कंटोनमेंट जोन की सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कामों में लगे हुए थे।
जांच अधिकारियों को दिए गए अतिरिक्त मास्क-सेनिटाइजर
पुलिस कमिश्नर के अनुसार- वीरवार को सभी जांच अधिकारियों को अतिरिक्त मास्क और सेनिटाइजर दिए गए हैं। हथियारों के साथ पुलिसकर्मी को इन चीजों को भी साथ रखना होगा। कमिश्नरिएट की ओर से जारी सर्कुलर में इस बात का जिक्र भी किया गया है कि अपराधी को गिरफ्तार करने से पहले उसे मास्क और सेनिटाइजर देना जरूरी है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर अपराधी जमानती अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया है, तो उसे पुलिस स्टेशन में रखे बिना तुरंत जमानत भेज देना चाहिए।
बैरिकेड्स और लाठियों को सेनिटाइज करना जरूरी
एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस के उच्चाधिकारियों की एक बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी उपकरणों- रस्सियां, बैरिकेड्स, लाठियां, शील्ड आदि को सेनिटाइज्ड करना अनिवार्य होगा। लगभग पिछले दो महीने के लॉकडाउन के दौरान राजधानी में बहुत कम प्रदर्शन हुए हैं। जानकारी के अनुसार- दिल्ली में हर साल 9 हजार से 13 हजार तक धरने और प्रदर्शन होते हैं।
'कम समय में ही बहुत कुछ बदल गया'
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि हम अपने रैगुलर काम पर फोकस कर रहे हैं। हमने महसूस किया है कि बहुत कुछ बदल गया है। हमें यहां तक कहा गया है कि लिखने के लिए अपने पैन का ही उपयोग करें। पैन को शेयर ना करें। पुलिस स्टेशन आने वालों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई है। अगर उनके पास मास्क नहीं है, तो सबसे पहले उसे मास्क मुहैया कराया जाएगा। लॉकअप में बंद कैदियों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य होगा। नए नियम के मुताबिक फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी सीधे घर जा सकेंगे। उन्हें स्टेशन आने की जरूरत नहीं है।