Assam Flood की चपेट में 33 में से 30 जिले अब तक 42 लाख 86 हजार लोग प्रभावित काजीरंगा नेशनल पार्क 90 प्रतिशत हिस्सा डूबा
नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ ( Assam Flood ) का कहर जारी है। आलम यह है कि असम में 33 में से 30 जिले बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। एक ओर जहां राज्य के 4157 गांव पानी में समा चुके हैं, वहीं 15 लोग अब तक बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं।
आबादी वाले इलाकों के साथ ही अब बाढ़ ( Assam Flood ) काजीरंगा नेशनल पार्क ( Kaziranga National Park ) में भी कहर बरपाने लगी है। पार्क का करीबी 90 प्रतिशत हिस्सा डूब चुका है। इंसानों के साथ जानवर भी अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से अब तक 42 लाख 86 हजार लोग प्रभावित हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बात की और राज्य में बाढ़ से उत्पन्न हालात का जायजा लिया। राज्य में बाढ़ ( Assam Flood ) से 15 लोगों की मौत हो गई है और 26 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
सोनोवाल ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार द्वारा असम ( Assam Flood ) के 28 जिलों में प्रभावित लोगों की मदद के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराया। यहां मुख्यमंत्री द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने स्थिति से निपटने के लिए असम सरकार को सभी तरह की सहायता देने का भरोसा दिया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि 28 जिलों के 3,181 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ ( Assam Flood ) से कुल 24,45,533 लोग प्रभावित हैं। अधिकारी ने कहा कि 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हैं। इसमें से कुछ भाग में फसल लगी थी।
सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को विभिन्न जिलों में फंसे हुए लोगों की मदद के लिए लगाया है। यहां तक कि राज्य के विभिन्न भागों में राहत व बचाव कार्यो में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना को बुलाया गया है। बाढ़ की वजह से 10 लाख से ज्यादा जानवर भी प्रभावित हैं।
इस बीच विपक्ष कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर बाढ़ ( Assam Flood ) हालात से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है और केंद्र सरकार से असम में केंद्रीय टीमें नियुक्त करने की मांग की है, जो हालात से निपटने में सलाह दें व मार्गदर्शन करें।