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Elephant Attack in Surajpur: आधी रात जंगल में बना घर तोडऩे लगा हाथी, नींद खुलते ही भागा ग्रामीण, लेकिन कुचलकर मार डाला

Elephant Attack: सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत जंगल में झोपड़ीनुमा घर बनाकर रह रहा था ग्रामीण, रात में अचानक पहुंच गया हाथी, सुबह मिला कुचला हुआ शव
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Elephant killed villager in forest

Elephant attack in Surajpur, जंगल में बनी झोपड़ी जिसे हाथी ने तोड़ डाला (Photo- Patrika)

प्रतापपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत परमेश्वरपुर के घने जंगल में झोपड़ी बनाकर रह रहे 58 वर्षीय ग्रामीण को रविवार की देर रात हाथी ने कुचलकर मार (Elephant killed villager) डाला। सुबह जंगल की ओर से गुजर रहे ग्रामीणों ने उसका शव देखकर वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद कर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया गया। वहीं विभाग द्वारा तात्कालिक सहायता राशि देने के साथ ही मुआवजे प्रकरण बनाने की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई है। वन विभाग का कहना है कि ग्रामीण को जंगल में बना घर हटाने नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने नहीं हटाया था।

सूरजपुर जिले के ओडग़ी ब्लॉक के ग्राम खड़ली निवासी संधारी पंडो प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के खरसोता क्षेत्र अंतर्गत परमेश्वरपुर के जंगल में मुख्य मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर अंदर झोपड़ी बनाकर रह रहा था। शुक्रवार रात भोजन करने के बाद वह झोपड़ी में सो रहा था। शनिवार तडक़े करीब 3 बजे एक दंतैल हाथी (Elephant demolished hut) झोपड़ी के पास पहुंचा और उसे तोडऩा शुरू कर दिया।

तेज आवाज से संधारी पंडो की नींद खुली। उसने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उसे सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और पैरों से कुचल (Elephant crushed villager) दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सुबह जंगल की ओर गए ग्रामीणों ने घटना देखी और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन अमला मौके पर पहुंचा, आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।

Surajpur Elephants news: हाथियों के विचरण क्षेत्र में बनी थी झोपड़ी

वन विभाग के अनुसार घटना स्थल हाथियों (Elephants) के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में आता है। प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर उत्तम मिश्रा ने बताया कि मृतक वनभूमि पर झोपड़ी बनाकर रह रहा था। विभाग की ओर से पहले अतिक्रमण हटाने का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन झोपड़ी नहीं हटाई गई। मृतक के परिजन को वन विभाग की ओर से 25 हजार रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शेष मुआवजा नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिया जाएगा।