Ram Mandir Trust भूमि पूजन के लिए पीएमओ से मंजूरी चाहता है। नृत्य गोपाल दास ने PM Narendra Modi को भूमि पूजन के लिए आमंत्रित किया। ट्रस्ट के सदस्य Kameshwar chaupal ने कहा कि 3 या 5 अगस्त को भूमि पूजन हो सकता है।
नई दिल्ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ( Shri Ram Janmabhoomi Tirthkshetra Trust ) ने अयोध्या में मंदिर के भूमि पूजन ( Bhoomi Pujan ) के लिए अंतिम तिथियों पर शनिवार को अहम बैठक में फैसला लिया। इसकी जानकारी प्रधान मंत्री कार्यालय ( PMO ) को ट्रस्ट की ओर से दे दी गई है। भूमि पूजन 3 या 5 अगस्त को हो सकता है।
अब अयोध्या ( Ayodhya ) में भूमि पूजन के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ( Ram Mandir Trust ) को पीएमओ से मंजूरी का इंतजार है। पीएम से हरी झंडी का इंतजार इसलिए है कि ट्रस्ट ने भूमि पूजन में पीएम नरेंद्र मोदी को शामिल होने की इच्छा जताई है। ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि 3 और 5 अगस्त को भूमि पूजन के लिए पीएमओ को सुझाव दिया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट ( RMT ) के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में सर्किट हाउस में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि देश में मौजूदा स्थिति पर विचार के बाद पीएमओ द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ( Nritya Gopal Das ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) को भूमि पूजन के लिए आमंत्रित करते हुए पीएमओ को पत्र लिखा है। अब प्रधान मंत्री की यात्रा की तारीख तय का निर्णय पीएमओ को लेना है।
भूमि पूजन के मामले में चंपत राय ने तारीखों का खुलासा नहीं किया। एक अन्य ट्रस्ट सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि 3 और 5 अगस्त को भूमिपूजन के लिए पीएमओ को सुझाव दिया गया था।
मंदिर के निर्माण में लगने वाले समय को लेकर चंपत राय ( Champat Rai ) ने कहा कि राम मंदिर ( Ram Mandir ) के निर्माण के लिए अधिकतम तीन से साढ़े तीन साल की आवश्यकता होगी। लार्सन एंड टुब्रो जमीन से 60 मीटर नीचे मिट्टी का परीक्षण कर रहा है।
इस बीच गुरुवार को कार्यदाई संस्था एलएण्डटी ( एलएंडटी ) के अधिकारियों ने रामघाट स्थित राम जन्मभूमि कार्यशाला व राम सेवकपुरम कार्यशाला का निरीक्षण किया। इस मौके पर इन अधिकारियों ने कार्यशाला के प्रभारी अन्नूभाई सोमपुरा से मुलाकात की। इसके बाद उनसे तराशे गये पत्थरों के अलावा बाकी बचे पत्थरों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सम्बन्धित पत्थरों को राम जन्मभूमि परिसर तक ले जाने के साधनों व आवागमन के रूट के बारे में पूछताछ के साथ स्वयं भी रूट का अवलोकन किया।
बता दें कि राम जन्मभूमि ( Ram janmabhoomi ) में विराजमान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की शुरू हुई प्रक्रिया के बीच गर्भगृह में चल रह समतलीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके बाद भूमि पूजन कर मंदिर नींव की खुदाई शुरू की जाएगी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है।
लॉकडाउन ( Lockdown ) की घोषणा से पूर्व भूमि पूजन के लिए 30 अप्रैल की तिथि तय की गई थी लेकिन कोरोना के चलते तिथि को स्थगित करना पड़ा। अब एक बार फिर से नई तिथि तय करने के लिए पीएमओ की हरी झंडी का इंतजार है।