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पहल: आयुर्वेद डॉक्टर अब जनरल और ऑर्थोपेडिक सर्जरी के साथ-साथ आंख, कान और गले की सर्जरी भी करेंगे

Highlights. - सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद पीजी के छात्रों को सर्जरी के बारे में जानकारी दी जाएगी - देश सर्जन की कमी झेल रहा है, इस फैसले से देश में सर्जन की कमी होगी - दूरदराज इलाकों के मरीजों को शहर भागने की जरूरत नहीं होगी
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Nov 23, 2020
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नई दिल्ली.

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आयुर्वेद की डिग्री प्राप्त डॉक्टर अब जनरल और ऑर्थोपेडिक सर्जरी के साथ ही आंख, कान और गले की सर्जरीभी कर सकेंगे।

भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अनुसार, सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद पीजी के छात्रों को सर्जरी के बारे में जानकारी दी जाएगी

पढ़ाई होती थी, मगर सर्जरी नहीं कर सकते थे

आयुर्वेद के स्टूडेंट्स को अभी सर्जरी के बारे में पढ़ाया तो जाता था, लेकिन वो सर्जरी कर सकते हैं या नहीं इसको लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं थी. सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद अब आयुर्वेद के डॉक्टर भी सर्जरी कर सकेंगे. सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक आयुर्वेद के पीजी के छात्रों को आंख, नाक, कान, गले के साथ ही जनरल सर्जरी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।

किन बीमारियों में सर्जरी

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इन छात्रों को ग्लुकोमा, मोतियाबिंद हटाने, स्तन की गांठों, अल्सर और पेट से बाहरी तत्वों की निकासी जैसा कई सर्जरी कर सकेंगे।

सर्जन की कमी होगी दूर

विशेषज्ञों के अनुसार, देश इस समय सर्जन की कमी झेल रहा है। सरकार के इस फैसले से देश में सर्जन की कमी को दूर किया जा सकेगा‌ इसके साथ ही दूरदराज इलाकों के मरीजों को शहर भागने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तर का इलाज मिल सकेगा।

Published on:
23 Nov 2020 09:50 am