
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने प्रदेश के डीजीपी वीरेंद्र का तबादला कर दिया है। अब उनकी जगह आईपीएस पी नीरजनयन को नियुक्त कर दिया गया है।
चुनाव आयोग का यह कदम आगामी मतदान के मद्देनजर काफी अहम है। चुनाव आयोग की तरफ से साफ निर्देश दिया गया है कि डीजीपी वीरेंद्र को चुनावों से संबंधित किसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्य की जिम्मेदारी न दी जाए।
चुनाव आयोग ने आदेश में कहा है कि राज्य में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद ही इस तरह के फैसले लिए गए। गौरतलब है कि डीजीपी वीरेंद्र 1985 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं। वहीं नीरजनयन 1987 बैच के हैं।
पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में वोटिंग होने वाली है। 27 मार्च को पहले चरण का मतदान होना है। एक अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग, वहीं छह अप्रैल को तीसरे चरण,10 अप्रैल को चौथे फेज के लिए मतदान होना है, 17 अप्रैल को पांचवे फेज का मतदान, 22 अप्रैल को छठे चरण की वोटिंग, 26 अप्रैल को सातवें चरण का मतदान और 29 अप्रैल को आखिरी चरण की वोटिंग और दो मई को परिणाम आएंगे।