पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में रविवार को एक रेलगाड़ी बफर से टकरा गई, लेकिन इस घटन में लोकल ट्रेन के यात्री बाल-बाल बच गए।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में रविवार को एक रेलगाड़ी बफर से टकरा गई, लेकिन इस घटना में एक लोकल ट्रेन के यात्री बाल-बाल बच गए। यह हादसा मानसिक रूप से विक्षिप्त एक व्यक्ति के कारण चालक के ट्रेन पर नियंत्रण खो देने से हुआ। पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। रेलगाड़ी के बफर (प्रतिरोधी) से टकराने पर भारी झटके से राणाघाट जाने वाली बनगांव लोकल की सीटें बिखर गईं।
पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रबि महापात्र ने कहा कि एक पागल व्यक्ति के ट्रेन में दाखिल होने व ड्राइवर के परेशान होने से वह सही समय पर बेक्र नहीं लगा सका और ट्रेन राणाघाट स्टेशन में प्रवेश करते हुए बफर से जा टकराई। एक यात्री ने कहा कि मैं ट्रेन से उतरने का इंतजार कर रहा था, लेकिन अचानक झटके के कारण मैं गिर गया। ट्रेन की धीमी गति के कारण मैं सही सलामत हूं, नहीं तो कुछ बड़ा घटित हो सकता था। सीपीआरओ के अनुसार, कोई यात्री या कोई दूसरा व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि चार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।
नक्सलियों ने उखाड़ी पटरी
वहीं, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार तड़के नक्सलियों ने किरंदुल-विशाखापत्तनम मार्ग पर पटरी उखाड़ दी। इस कारण एक मालगाड़ी का इंजन और आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस के अनुसार हादसे में किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है। यह हादसा रायपुर से लगभग 450 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कमलूर के जंगलों में देर रात करीब 1:00 के आसपास हुआ।