
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों का लंबे समय से विरोध ( Protest Against Agricultural laws ) कर रहे किसानों ने आज 'भारत बंद' ( Bharat Bandh ) बुलाया है। भारत बंद का असर देश भर में मिला जुला दिखाई दिया है। वहीं, किसान संगठनों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं को ब्लॉक किया हुआ है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ( BKU Leader Rakesh Tikait ) का बड़ा बयान आया है। भाकियू नेता ने कहा है कि शाम 7 बजे किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) से मुलाकात करेगा। शाह के साथ बातचीत में संभावित समाधान निकलने की बात पर टिकैत ने फिलहाल गाजीपुर बॉर्डर ( Ghazipur border ) खुलवा दिया है। इसके साथ ही वह अन्य किसान संघों के नेताओं से बातचीत करने सिंघू बॉर्डर पहुंचे हैं। इस दौरान टिकैत ने यह भी कहा कि अब इसका समापन होना चाहिए।
सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की एक अहम बैठक
आपको बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसान पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन कर रहे है। इस बीच किसानों के 'भारत बंद' के बीच सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की एक अहम बैठक होने वाली है। भाकियू नेता राकेश टिकैत भी सिंघु बॉर्डर पर होने वाली इस बैठक में शामिल होंगे। राकेश टिकैत ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक है, वहीं गृह मंत्री अमित शाह भी आज एक बैठक लेंगे जिसके लिए हम आपस में मीटिंग कर विचार विमर्श करेंगे।
किसानों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
वहीं, केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि किसानों की समस्या का समाधान बातचीत के माध्यम से ही निकलेगा। तोमर ने राजनीतिक दलों से किसानों के नाम पर राजनीति न करने की अपील की। केन्द्रीय मंत्री ने भारत बंद का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों और उनके नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी मैंने कहा है कि किसानों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। तोमर ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो किसानों के नाम पर राजनीति कर रहें हैं वे पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें। उन्होंने कहा कि आंदोलन का समर्थन करने वाले पहले अपने घोषणा पत्र में किसानों को गुमराह कर रहे थे या अब उनको गुमराह करने का काम कर रहे हैं।