पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।भाजपा ने सीबीआई जांच कराने की मांग की, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री, डीजीपी को किया तलब।
पश्चिम बंगाल में रविवार को भाजपा नेता मनीष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या उत्तरी 24 परगना जिले में हुई। घटना पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) तथा डीजीपी को तलब किया है। घटना के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा के केन्द्रीय पर्यवेक्षक कैलाश विजयवर्गीय ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
विजयवर्गीय ने कहा कि बीजेपी वर्कर मनीष शुक्ला को टीटागढ़ पुलिस स्टेशन (उत्तरी 24 परगना जिला) के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले की जांच सीबीआई के द्वारा की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा, उन्हें शक्तियां अपने हाथ में लेने पर विचार करना पडे़गा
उल्लेखनीय है कि गत माह भी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को पुलिस स्टेट में बदल दिया है। यहां के हालात बहुत कठिन हो रहे हैं और उन्हें संविधान के अनुच्छेद 154 का उपयोग करते हुए राज्य की शक्तियां अपने हाथ में लेने पर विचार करना पडेगा। उन्होंने टीएमसी सरकार द्वारा किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर भी आपत्ति जताई।
कहा, पुलिस सत्ताधारी पार्टी के काडर के रूप में काम कर रही है
डीजीपी को लिखे एक पत्र में राज्यपाल ने लिखा है कि पुलिस सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के रूप में काम कर रही है। यदि संविधान की रक्षा नहीं की गई तो उन्हें जबरन एक्शन लेना होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल एक पुलिस स्टेट में बदल चुका है। पुलिस शासन और लोकतंत्र एक साथ नहीं चल सकते। राज्य में माओवादी उग्रवाद फिर से पनप रहा है और आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हो रहे हैं।