देश की राजधानी दिल्ली में मौजूदा समय में ब्‍लैक फंगस के 185 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस नई परेशानी ने अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ केंद्र सरकार की भी परेशानी हो बढ़ा दिया है।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कोविड 19 के बाद ब्लैक फंगस का खौफ लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार भी इस मुसीबत से परेशान नजर आ रही है। एम्स और गंगाराम जैसे अस्पतालों में ब्लैक फंगस के शिकार मरीजों की भरमार हो गई है। अगर बात कोविड 19 की करें तो पिछले 24 घंटे में 3846 कोरोना के नए मामले दर्ज होने के साथ 235 मरीजों की मौत हुई है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में 5 अप्रैल के बाद से पहली बार सबसे कम मामले देखने को मिले हैं।
ब्लैक फंगसव ने बढ़ाई परेशानी
देश की राजधानी दिल्ली में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस के 185 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस नई परेशानी ने अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ केंद्र सरकार की भी परेशानी हो बढ़ा दिया है। ब्लैक फंगस के मरीज दिल्ली के सात अस्पतालों में भर्ती हैं, लेकिन इलाज की सुविधा ना होने की वजह से उन्हें एम्स जैसे बड़े अस्पतालों रेफर किया जा रहा है। मौजूदा समय में एम्स में 61 और सर गंगाराम अस्पताल में ब्लैक फंगस के 69 मरीजों को इलाज हो रहा है। इससे पहले दिल्ली एम्स में ऐसी बीमारी के 12 से 15 मामले देखने को मिलते थे। यही नहीं, दिल्ली एम्स और सर गंगाराम अस्पताल के अलावा मैक्स और इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में ब्लैक फंगस के कई मरीज सामने आ चुके हैं।
इन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा
मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली एम्स में न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. एमवी पद्मा श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा समय में एम्स में रोजाना 20 से ज्यादा मामले आ रहे हैं। वैसे तो यह डायबिटीक पेशेंट्स के साथ हाई स्टीरॉयड डोज लेने वालों में देखने को मिलता है, इस तरह से मामले कभी नहीं बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले इनकी संख्या सिंगल डिजिट में होती थी और अस्पताल में एक अलग वार्ड बनाया गया है। इस बात की आशंका है कि कमजोर इम्यूनिटी वालों को यह ज्यादा संक्रमित कर रहा है।