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रिश्तेदार के दोस्त ने किया था रेप, कोर्ट ने दी 6 माह के गर्भपात की इजाजत

कई महीनों से दर्द से परेशान थी नाबालिग रेप पीड़िता तब जाकर कोर्ट ने दिया ऐसा आदेश।

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मुंबई। गर्भ में पल रहे बच्चे को गिराना वैसे तो गैरकानूनी है, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक नाबालिग रेप पीड़िता को ऐसा करने की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने पीड़िता को 24 सप्ताह का गर्भ गिराने की इजाजत दी है। कोर्ट ने मंजूरी देते हुए कहा कि यह फैसला इसलिए दिया गया है क्योंकि लड़की की उम्र बहुत कम है और उसने बहुत तकलीफें झेली हैं। बता दें कि कोर्ट ने यह आदेश 16 वर्षीय पीड़िता की मां की याचिका पर दिया है।

पीड़िता की मां ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि जब उनकी बेटी को पेट में दर्द हुआ, तो उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें अपनी बेटी के गर्भावस्था का पता चला। अपनी याचिका में महिला ने बताया कि रिश्तेदार के दोस्त ने मिलकर उनकी नाबालिग बेटी के साथ रेप किया था।

गर्भ गिराने के लिए स्वस्थ्य है पीड़िता

वहीं, कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही लड़की को निर्देश दिया था कि वह अपना इलाज राजावाड़ी अस्पताल के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से परीक्षण कराए। बता दें कि विशेष पैनल ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें कहा गया था कि अपना गर्भ गिराने के लिए लड़की शारीरिक रूप से स्वस्थ है।

लड़की उम्र काफी कम

इसके बाद कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा, 'लड़की की उम्र बहुत कम है। रेप के बाद वह काफी कष्ट झेल चुकी है। यदि उसे बच्चा जन्म देने दिया गया तो उसकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं। इसलिए हम गर्भ गिराने की अपील स्वीकार करते हैं। कोर्ट ने कहा, ' लड़की का गर्भ गिराने का काम केईएम अस्पताल में किया जाएगा, क्योंकि यहां पर इस इलाज की बेहतर व्यवस्था है।'

भ्रूण गिराने के लिए कोर्ट का आदेश जरूरी

आपको बता दें कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के नियमों के अनुसार कोई भी भ्रूण 20 सप्ताह से ज्यादा का है, तो उसे केवल कोर्ट की मंजूरी से ही गिराया जा सकता है।

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Updated on:
10 May 2018 09:38 am
Published on:
10 May 2018 10:01 am
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