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नहीं आ रही चीन की अक्ल ठिकाने, PoK में मिसाइल साइट्स बनाने में पाकिस्तान की मदद

लद्दाख के बाद अब पीओके ( PoK ) के जरिये भारत को परेशान करने की साजिश। पाक अधिकृत कश्मीर में मिसाइल साइट्स के निर्माण में दिखे पीएलए के जवान। सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य के दौरान पाक-चीन के सैैनिक साथ-साथ।
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China helping Pakistan in building missile sites in PoK
China helping Pakistan in building missile sites in PoK

नई दिल्ली। चीन की अक्ल ठिकाने नहीं आ रही है। पहले लद्दाख में तनावपूर्ण माहौल बनाने के बाद अब ड्रैगन साजिश रचने में पाकिस्तान की मदद कर रहा है। खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाक अधिकृत कश्मीर ( PoK ) में चीन की मदद से पाकिस्तान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट्स बना रहा है।

इन रिपोर्टों के मुताबिक चीन की सहायता से सैन्य बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार बहुत सारी निर्माण से जुड़ी गतिविधियां देखने को मिली हैं। निर्माण गतिविधियों की देखरेख के लिए चीन की सेना पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के अधिकारियों को तैनात किया गया है।

खुफिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लसादाना ढोक के नजदीक पाउली पीर में पाकिस्तानी सेना और पीएलए द्वारा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइटों का निर्माण किया जा रहा है।

इन निर्माण स्थलों पर पाकिस्तानी सेना के लगभग सवा सौ जवान और तीन दर्जन आम आदमी मौजूद हैं। ब्देल बाग में इस मिसाइल सिस्टम का कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इस कंट्रोल रूम में पीएलए के तीन अधिकारियों सहित 10 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी कि पाक अधिकृत कश्मीर स्थित देओलियन और जुरा जैसे अग्रिम इलाकों में पाकिस्तान की 12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के साथ संयुक्त रूप से चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी और पाकिस्तानी सैनिकों को देखा गया था।

गौरतलब है कि सोमवार को वायु सेना दिवस के मौके पर भारतीय वायु सेना के चीफ आरकेएस भदौरिया ने कहा था कि पाकिस्तान और चीन ने हाल ही में द्विपक्षीय अभ्यास बढ़ाए हैं और भारत इसे नजदीक से देख रहा है।

भारतीय सेना ने दो मोर्चे की लड़ाई के खतरे का काफी लंबे वक्त तक सामना किया है। एक ही समय में सक्रिय चीन और पाकिस्तान से विवादित सीमाओं पर लड़ने के लिए भारत ने सबसे अधिक सशस्त्र बलों का उपयोग किया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि पीओके के होतियान बाला जिला स्थित चकोटी और चिनार नामक ग्रामीण इलाकों में भी ऐसा ही निर्माणकार्य देखने को मिला है।

दूसरी तरफ, जगलोट से गौरी कोट तक सड़क का निर्माण चीनी इंजीनियरों की मदद से किया जा चुका है। इस सड़क को गुलतारी तक बढ़ाने की भी संभावना है। इस दौरान भी पीएलए के जवानों को जगलोट में भी देखे गया है।

Updated on:
07 Oct 2020 06:10 pm
Published on:
07 Oct 2020 06:04 pm