Coronavirus से जारी है लड़ाई Lock down खुलने के बाद भी WFH के पक्ष में कंपनियां साबित हो रहा फायदे का सौदा
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus in india ) का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की इस वायरस के चलते मौत हो चुकी है जबकि 9000 से ज्यादा लोग इस घातक वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना के कहर के चलते ही देश में सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन ( Lock Down ) लगाया और इस लॉकडाउन के साथ ही कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम ( Work from home ) दे दिया।
हालांकि अभी लॉकडाउन के दूसरे चरण लागू होने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। पीएम मोदी ( pm modi ) जल्द ही इस सिलसिल में बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बीच ये सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी कुछ कंपनियां वर्क फ्रॉम होम जारी रखेंगी। टीसीएस जैसे कंपनियां तो कुछ यही इशारा कर रही हैं।
कोरोना महामारी की वजह से भारत में भी वर्क फ्रॉम होम का कल्चर तेजी से बढ़ा है। कई कंपनियों ने लॉकडाउन के पहले से ही बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम पर भेज दिया था।
देशभर में लॉकडाउन के बाद भी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम की वजह से उत्पादकता बनी हुई है। अभी तक कामकाज के इस नए तरीके से कतरा रही कंपनियां अब संभावनाएं तलाशने लगी हैं। आइटी-बीपीओ, टेलीकॉलिंग, डाटा क्रिएशन, एनालिसिस से जुड़ी कंपनियों का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम उनके लिए फायदे का सौदा भी साबित हो रहा है।
WFH जारी रखने के मूड में TCS
देशभर में लगे लॉकडाउन के बाद कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम ( WFH ) करने को कहा। इन्हीं कंपनियों में टाटा कंसलटेंट सर्विसेज यानी TCS भी शामिल है।
लॉकडाउन के दौरान WFH के भारत सरकार के निर्देश का टीसीएस ने भी पालन किया। खास बात यह है कि टीसीएस लॉकडाउन के बाद भी वर्क फ्रॉम होम का झंडा बुलंद रखने की बात कह रही हैं।
वहीं नैसडैक में लिस्टेड BPO और एनालिटिक्स कंपनी ईएक्सएल के लगभग 32 हजार कर्मचारियों में से 70 फीसद घर से काम करने लगे।
बेहतर काम कर रहे कर्मचारी
पॉलिसी बाजार डॉट कॉम के सीईओ सरबवीर सिंह की मानें तो लॉकडाउन के बाद वर्क फ्रॉम होम देने से कर्मचारियों के काम में सुधार देखने को मिला है। WFH में कर्मचारी बेहतर काम कर रहे हैं।
सिंह का मानना है लॉकडाउन की वह से कंपनियों को एक नया रास्ता मिला है इस पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
हालातों के सुधरने के बाद हम अपने 30 फीसद तक के वर्कफोर्स को वर्क फ्रॉम होम में कनवर्ट करने की सोच रहे हैं। हमारे यहां फिलहाल 13 हजार से अधिक एम्पलॉयी हैं।
कंपनियों के लिए फायदे का सौदा
वर्क फ्रॉम होम लागू करने से कंपनियों को जो सीधा फायदा होगा वो आर्थिक रूप से होगा। कर्मचारियों के वेतन के डेढ़ गुना तक दफ्तर पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड कम हो जाएगा। इनमें बिजली, कनवेंस, चाय-पानी आदि शामिल है।