विविध भारत

गंगा के पानी से कोरोना का इलाज संभव, सेना के रिटायर्ड अधिकारी ने PM Modi को लिखा पत्र

भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का कहर जारी है। देश में इस वायरस ( COVID-19 ) से अब तक 60 से ज्यादा लोग अकाल मौत का शिकार हो गए। जबकि, इससे संक्रमित लोगों की संख्या 2600 से पार हो चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस जानलेवा बीमारी ( Coronavirus Rumors ) की दवा खोजने में जुटे हुए है। इसी बीच सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) को पत्र लिखा है। उन्होंने गंगा ( Ganga River ) के पानी से कोरोना के इलाज की संभावना जताई है।
2 min read
coroanvirus treatment may possible by Ganges water letter to PM modi

नई दिल्ली।
भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का कहर जारी है। देश में इस वायरस ( COVID-19 ) से अब तक 60 से ज्यादा लोग अकाल मौत का शिकार हो गए। जबकि, इससे संक्रमित लोगों की संख्या 2600 से पार हो चुकी है। यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस जानलेवा बीमारी ( Coronavirus Rumors ) की दवा खोजने में जुटे हुए है। इसी बीच सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) को पत्र लिखा है। उन्होंने गंगा ( Ganga River ) के पानी से कोरोना के इलाज की संभावना जताई है।

गंगा नदी पर शोध की जरूरत
सेना से रिटायर्ड लेफ्टीनेंट कर्नल और अतुल्य गंगा के संस्थापक मनोज किश्वर ने पीएम मोदी को पत्र लिखा हैं। उनका कहना है कि भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) लखनऊ, इमटेक सीएसआईआर, सूक्ष्य जैविकीय अध्ययन केंद्र और कई अन्य संस्थाओं ने गंगा पर शोध किया है।

कुछ शोध में दावा किया गया है कि गंगा का पानी कई वायरस के प्रभाव को कम करता है। मनोज किश्वर ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि गंगा नंदी पर गंभीरता से शोध किया जाए तो इसके पानी से कोरोना जैसी महामारी का इलाज भी संभव हो सकता है।

5 हजार किमी करेंगे परिक्रमा
मनोज किश्वर ने शक्ति मंत्री को पत्र लिखा है कि अतुल्य गंगा अभियान से जुड़े अफसर और उनके साथी जल्द ही 5 हजार किलोमीटर की परिक्रमा शुरू करने जा रहे हैं। यह परिक्रमा पैदल होगी और इसका मकसद गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाना है।

अभी तक नहीं बनी वैक्सीन
बता दें कि कोरोना वायरस ( Coronavirus Outbreak ) ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। अब तक 55 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके है। अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर्स इसकी दवा खोजने में जुटे हुए है।

Published on:
04 Apr 2020 03:58 pm