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नशे के खिलाफ रिकॉर्ड अभियान, 2025 में टूटा कार्रवाई का हर रिकॉर्ड

भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ वर्ष 2025 में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई दर्ज की गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, देश की विभिन्न ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने पिछले साल 1,48,063 मामले दर्ज किए और 1,83,675 लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान लगभग 1,240 टन मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 18,227 करोड़ आंकी गई
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नई दिल्ली

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Abhishek Singhal

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Updated: 27 Jun 2026, 11:35 AM IST

Narcotics

नई दिल्ली। भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ वर्ष 2025 में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई दर्ज की गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, देश की विभिन्न ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने पिछले साल 1,48,063 मामले दर्ज किए और 1,83,675 लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान लगभग 1,240 टन मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 18,227 करोड़ आंकी गई है। शुक्रवार को जारी इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत पर नशीले पदार्थों के बदलते वैश्विक परिदृश्य का दबाव बढ़ रहा है, जिसमें सिंथेटिक ओपिओइड और कोकीन उत्पादन शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी कैनबिस (गांजा, चरस आदि) की रही, जिसकी मात्रा 6.33 लाख किलोग्राम से अधिक थी। इसके अलावा 29 प्रतिशत हिस्सेदारी अफीम एवं उससे जुड़े पदार्थों की रही, जबकि 19 प्रतिशत जब्ती फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की रही। सिंथेटिक ड्रग्स और कोकीन मात्रा के हिसाब से केवल 1 प्रतिशत रही, लेकिन इनके बढ़ते प्रसार को गंभीर चुनौती बताया गया है।

निटाजीन और तस्करी के रास्ते सबसे बड़ा खतरा

रिपोर्ट के अनुसार नाइटाजीन सिंथेटिक ओपिओइड की ऐसी श्रेणी जो हेरोइन से 500 गुना ज्यादा असरदार) दुनिया भर में बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। 2019-2020 में 13 देशों से बढ़कर 2023-2024 तक ये 35 देशों (जिनमें मलेशिया और सिंगापुर भी शामिल हैं) में पाए गए हैं। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे दुनिया के दो प्रमुख मादक पदार्थ उत्पादन क्षेत्रों, गोल्डन क्रिसेंट और गोल्डन ट्रायंगल, के बीच रखती है, जिससे देश तस्करी के लिए संवेदनशील बना हुआ है। पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी जारी है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों पर म्यांमार से आने वाली सिंथेटिक ड्रग्स का दबाव बना हुआ है।

पंजाब में हेरोइन की जब्ती ज्यादा

रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में वर्ष 2025 के दौरान 2,086 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जो देशभर में जब्त कुल हेरोइन का 58 प्रतिशत है। वहीं मिजोरम में 1,477 किलोग्राम एम्फेटामिन टाइप स्टिमुलेंट्स (एटीएस) की जब्ती हुई, जो राष्ट्रीय स्तर पर कुल एटीएस जब्ती का 42 प्रतिशत है। ड्रोन आधारित तस्करी, समुद्री मार्गों का उपयोग, डार्कनेट प्लेटफॉर्म और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान जैसी नई चुनौतियों का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। एजेंसियों ने वर्ष 2025 में 110 डार्कनेट और क्रिप्टो से जुड़े मामलों की जांच की।

अफगानिस्तान से आगे म्यामांर

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की 2025 की सालाना रिपोर्ट में म्यांमार से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में तस्करी के रास्ते को सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता बताया गया है। इस इलाके में यह कारोबार हथियारों की तस्करी और उग्रवादी समूहों की फंडिंग से जुड़ा है। और यह अफगानिस्तान से आगे निकल गया है। यह बदलाव तालिबान की ओर पोस्ता की खेती पर प्रतिबंध लगाने से हुआ है। इस इलाके में खुली सीमा खतरे को और बढ़ा देती है।

एंक्रिप्टेड एप बन रहे चुनौती

रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म दुनिया भर की तरह भारत में भी ड्रग्स तस्करों के कम्युनिकेशन का मुख्य माध्यम बन गए हैं। डार्कनेट बाजारों के उलट, जिनके लिए खास एक्सेस की ज़रूरत होती है, ये प्लेटफॉर्म आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। टेलीग्राम पर पब्लिक चैनल्स बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर्स को प्रोडक्ट की लिस्टिंग, कीमतें और डिलीवरी की जानकारी देते हैं।

गांजे की खेती के खिलाफ अभियान

एनसीबी के अनुसार, अवैध खेती के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। वर्ष 2025 में 42,242 एकड़ अवैध पोस्ता तथा 38,193 एकड़ अवैध गांजा की खेती नष्ट की गई, जो पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है। इसके साथ ही लगभग 1,009 टन जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण भी किया गया।

2021 और 2025 के बीच कितनी हुई कार्रवाई

साल मामले गिरफ्तारियां जब्ती (टन में) कीमत (करोड़ रुपये में)
2021 68,144 93,538 1,609.6 25,241
2022 75,727 1,26,516 1,253.6 19,992
2023 78,307 1,32,954 1,389.7 17,178
2024 96,930 1,22,224 1,330.6 27,524
2025 1,48,063 1,83,675 1,240.9 18,227
कुल 4,67,171 6,58,907 6,824.4 1,08,162

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