सेंसर भांप लेता है हाथ की दूरी और सैनेटाइजर की छोड़ता है फुहार। राष्ट्रपति भवन, PMO, सुप्रीम कोर्ट आदि जगह लगी है ऑटोमैटिक मशीन। 5 सेकेंड में केवल 5-6 मिलीलीटर सैनेटाइजर से पूरे हाथ की सफाई।
नई दिल्ली।कोरोना वायरस के कहर से जूझते भारत में अब तक इसके कुल केस 81,970 हो चुके हैं, जबकि 2649 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में इसके प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के अलावा इसकी वैक्सीन, टेस्टिंग किट पर भी काम हो रहा है। लेकिन इन सबके बीच इससे बचने के प्रमुख तरीकों में नियमित रूप से हाथ साफ करना और मास्क लगाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने रायोट लैब के साथ मिलकर एक अनोखी हैंड सैनेटाइजर मशीन बनाई है, जो बिना छुए ही चुटकियों में हाथ सैनेटाइज कर देती है।
इस संबंध में DRDO अध्यक्ष के तकनीकी सलाहकार एस जोशी ने बताया कि संगठन ने एक कॉन्टैक्टलेस डिस्पेंसर विकसित करने के बाद इसे अपने मुख्यालय में लगाया है। यह मशीन बिना इसे छुए सैनिटाइजर छोड़ती है और आने वाले लोगों को कीटाणुरहित करने में मददगार है।
इस ऑटोमैटिक हैंड सैनेजाइजेशन मशीन का नाम ओकमिस्ट ( Oakmist ) रखा गया है। राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय समेत तमाम सरकारी दफ्तरों में इस मशीन का इस्तेमाल हैंड सैनेटाइजेसन के लिए किया जा रहा है। किसी वाटर आरओ मशीन जैसी नजर आने वाली इस मशीन में अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर होता है, जो बिना इसे छुए ही दूर से हाथ सेंस करके बहुत तेजी से स्प्रे छोड़ता है
सरकारी दफ्तरों में इसे स्थापित करने के बाद अब इसे आम जनता के लिए भी उपलब्ध करा दिया गया है। वॉटर मिस्ट एरेटर तकनीक यानी पानी की फुहारे छोड़ने वाली तकनीक पर आधारित ओकमिस्ट मशीन को जल संरक्षण के लिए विकसित किया गया था। यह डिस्पेंसिंग यूनिट बिना संपर्क के काम करती है और इसमें लगा अल्ट्रासोनिक सेंसर इसे सैनेटाइजेशन शुरू करने का संदेश देता है।
इसकी फुहार इतनी तेज होती है कि एक बार करीब 5 सेकेंड तक केवल 5-6 मिलीलीटर सैनेटाइजर छोड़ा जाता है। इस फुहार के जरिये लिक्विड बेकार नहीं होता और दोनों हाथों को पूरी तरह से सैनेटाइज करने लायक होता है।
इस संबंध में रायोट लैब के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी शिशिर गुप्ता ने कहा कि यह यूनिट डीआरडीओ भवन, पीएमओ, गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सेना कार्यालयों, सुप्रीम कोर्ट और अन्य परिसरों सहित प्रमुख सरकारी कार्यालयों में पहले ही लगाई जा चुकी है। कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई को केवल स्वस्थ स्वास्थ्य आदतों को अपनाकर ही जीता जा सकता है और स्वच्छता सभी के लिए जरूरी है।