भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) कहर बरपा रहा है। भारत ( COVID-19 India ) भी विकराल स्थिति में पहुंचता जा रहा है। 14 अप्रैल तक लॉकडाउन ( Lockdown in India ) की स्थिति में लोग जहां हैं, वहीं फंसे हुए है। कोरोना और लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) ने लोगों को इतना बेबस कर दिया है कि वे अपनों की अंतिम यात्रा ( Funeral ) में भी शामिल नहीं हो पा रहे।
नई दिल्ली।
भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ( coronavirus ) कहर बरपा रहा है। इस वायरस ( COVID-19 Updates ) से अब तक 33 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अब तक 7 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस ( Coronavirus Outbreak ) से संक्रमित हो चुके है। भारत ( COVID-19 India ) भी विकराल स्थिति में पहुंचता जा रहा है। 14 अप्रैल तक लॉकडाउन ( Lockdown in India ) की स्थिति में लोग जहां हैं, वहीं फंसे हुए है। कोरोना और लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) ने लोगों को इतना बेबस कर दिया है कि वे अपनों की अंतिम यात्रा ( Funeral ) में भी शामिल नहीं हो पा रहे।
वीडियो कॉल पर कहा- लव यू बेटा, मुझे माफ करना
छत्तीसगढ़ के घोटपाल गांव के रहने वाले राजकुमार के इकलौते 1 वर्षीय बेटे आदित्य ट्यूमर से जूझ रहा था। जनवरी में इलाज के बाद आदित्य ठीक हो गया था, लेकिन, बुधवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी मौत हो गई। उसके पिता राजकुमार नेताम एसएसबी में हवलदार है। जब बेटे की हालत नाजुक होने की खबर मिली तो वह आने की कोशिश में थे।
लेकिन, लॉकडाउन के चलते नहीं आ सके। गुरुवार को आदित्य की मौत की खबर मिली। उन्होंने वीडियो कॉल से अंतिम दर्शन किए। इकलौते बेटे को अंतिम बार देखने पर राजकुमार बिलख पड़े। बोले- लव यू बेटा, मुझे माफ करना। मैं तुमसे मिलने नहीं आ सका। ऐसा मंजर देखकर लोगों की आंख भर आई। राजकुमार ने मीडिया को बताया कि वे अपने बेटे के अंतिम दर्शन पर भी नहीं कर पाएं। लॉकडाउन के चलते बेटे को अंतिम बार देखने नहीं आ सका।
दुबई से तीन बेटों ने किए अंतिम दर्शन
राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ में 77 वर्षीय व्यक्ति के निधन पर उसके तीन बेटे अर्थी को कंधा नहीं दे सके। दुबई से तीनों बेटों ने वीडियो कॉलिंग से पिता को अंतिम दर्शन किया। बता दें कि मालियों की ढाणी दांता के बेगाराम माली का निधन हो गया था। बेगाराम के तीन बेटे प्रहलाद, महिपाल व श्रीराम दुबई में रहते है, जो पिता को कंधा देने नहीं आ सके।