विदेश से लौटे सभी लोगों को रखते क्वारेंटाइन में, तो नहीं बिगड़ते हालात। समय पर रोकनी चाहिए थी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें। सरकार के पास थी विदेश से आने वाले लोगों की सूची।
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। बघेल ने सीधे कहा कि यदि समय पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोका जाता और उनमें विदेश से आने वाले लोगों को क्वारेंटाइन में रखा जाता तो देश में ऐसे हालात नहीं बनते। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यों की स्थिति को देखते हुए लॉक डाउन पर निर्णय करने चाहिए।
बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पत्रकार वार्ता में कहा कि यह बीमारी चीन से भ्रमण करती हुए भारत पहुंची है। जितने लोग विदेश यात्रा करने गए, वह अंतरराष्ट्रीय उड़ान से भारत आए। अब वो किस जाति या धर्म के हैं, ये महत्वपूर्ण नहीं हैं। जितने लोग विदेश से आए हैं, यदि उनको क्वारंटाइन में रख देते, तो ये बात नहीं होती।
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान बंद करने का निर्णय तो राज्य सरकारें नहीं कर सकती, भारत सरकार ही बंद करेगी। विदेशों से आने वाले भारतीयों की पुख्ता जांच होती तो आज बीमारी नहीं फैलती और इतनी परेशानी भी नहीं होती।
उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले लोगों की सूची भी सरकार के पास उपलब्ध रहती है। ऐसे लोगों के बारे में सरकार को पता करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक ही जगह जमे रहने वाले तबलीगी जमात के लोगों को निर्दोष भी नहीं कहा जा सकता। लॉक डाउन बढ़ाने के सवाल पर बघेल ने कहा कि 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक में इस पर निर्णय होगा।
विदेश से आए 2100 लोगों को क्वारेंटाइन में रखा
बघेल ने कहा कि उनके राज्य में 2100 लोग विदेश यात्रा करके आए थे, सबको हमने क्वारेंटाइन में रखा और जांच की। इसके साथ ही 13 मार्च को कि आंगनबाड़ी, प्राइमरी स्कूल, मिडिल स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग माल, टॉकीज और मंत्रालयों को हमने बंद किया और सभी अधिकारियों से घरों से ही काम संचालित करने के लिए कहा। इसके चलते छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस का संक्रमण अधिक नहीं है।