शेख मुजीबुर्रहमान की शताब्दी समारोह पर भी पड़ा कोरोना का साया। शेख हसीना बिना किसी सार्वजनिक सभा के समारोह का उद्घाटन करेंंगी। शेख मुजीबुर्रहमान की शताब्दी समारोह काे फिर से किया गया डिजाइन।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के खतरे को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ( Bangladesh Government ) ने शेख मुजीबुर्रहमान ( Sheikh Mujiburrahman ) शताब्दी समारोह रद्द कर दिया गया है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra MOdi ) भी शिरकत करने के लिए ढाका जाने वाले थे। लेकिन वे अब नहीं जाएंगे। यह शताब्दी समारोह कोरोनो वायरस ( COVID-19 ) के कारण रद्द कर दिया गया है।
सेलिब्रेशन कॉम के अध्यक्ष कमाल अब्दुल चौधरी ने कहा कि COVID-19 से संबंधित सार्वजनिक स्वास्थ्य घटनाओं को देखते हुए जन्म शताब्दी समारोह या तो स्थगित किया जा रहा है या उसका दायरा कम किया जा रहा है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना बिना किसी सार्वजनिक सभा के समारोह का उद्घाटन करेंंगी।
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने कहा है कि अब तक विश्व में नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया के एक लाख से ज्यादा मामलों की पुष्टि की गई है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 7 मार्च को 10 बजे तक विश्व में नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया के 1 लाख 1 हजार 9 सौ 27 मामलों की पुष्टि की गई और 3 हजार 4 सौ 86 की मौत हो गई है। वक्तव्य के अनुसार चीन और अन्य देशों के अनुभव ने यह साबित कर दिया है कि कुछ उपायों से वायरस के प्रसार को धीमा किया जा सकता है जिससे महामारी का प्रभाव कम हो सकता है।
पीएम मोदी का दौरा रद्द होने के बारे में कमल अब्दुल चौधरी ने कहा कि 17 मार्च को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय परेड ग्राउंड का मुख्य कार्यक्रम कोरोना वायरस के कारण रद्द कर दिया गया है. हमने इस कार्यक्रम को फिर से डिजाइन किया है। यह साल भर चलने वाला उत्सव है। यह उत्सव पूरे वर्ष जारी रहेगा लेकिन हम बड़े सार्वजनिक समारोहों से बचेंगे। चूंकि इस साल के अंत में कई छोटे कार्यक्रम होने हैं, इसलिए विदेशी गणमान्यों के इसमें मौजूद होने के कई विकल्प होंगे।
यह पहला मौका नहीं है जब कोरोना वायरस को देखते हुए पीएम मोदी का विदेशी दौरा रद्द हुआ है। इस महीने ब्रसेल्स में पीएम मोदी यूरोपियन यूनियन ( Europian Union ) के सम्मेलन में हिस्सा लेने जाने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए उसे भी रद्द करना पड़ा। बांग्लादेश दौरे के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि बांग्लादेश के संस्थापक के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी हिस्सा लेने जाएंगे। हालांकि बाद में इसे रद्द करने का फैसला किया गया।