इनोवेटिव तकनीक का किया गया है इस्तेमाल रिमोर्ट कंट्रोल वाले उपकरण से पहुंचई जाएंगी चीजें अन्य शहरों में भी ऐसे केंद्र बनाने की योजना
देश में कोरोना (corona)के प्रकोप के मद्देनजर अस्पतालों को कोविड-19 (covid-19)अस्पतालों में बदला जा रहा है। इसके बाद रेलवे ने अलग-अलग जगहों पर डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड (isolation ward)में बदला है। अब पंजाब से ऐसी ही एक खबर आई है। यहां अमृतसर में प्रशासन ने एक आवासीय विद्यालय को तकनीकी इनोवेशन के साथ कोरोना रोगियों के लिए एक हजार बैड के आइसोलेशन केंद्र में बदल दिया है। यह राज्य का पहला ऐसा स्कूल है, जिसे आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है।
कोरोना मरीजों को रखा जाएगा
राज्यव्यापी कोरोनोवायरस मामलों की निगरानी के प्रभारी विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू के अनुसार- यह केंद्र मेरिटोरियस स्कूल में बनाया गया है। यह केंद्र खास तौर पर उनके लिए है जो कोविड-19 से संक्रमित हैं या जिनमें उसके लक्षण देखे गए हैं।
अन्य शहरों में भी बनाएंगे ऐसे केंद्र
जिस तरह से फिलहाल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसे ध्यान में रखते हुए इस तरह केंद्र जालंधर, लुधियाना और मोहाली शहरों में बनाए जाएंगे। सिद्धू के मुताबिक- व्यक्तियों के बीच संपर्क को कम करने के लिए स्थानीय तौर पर तकनीकी इनोवेशन का इस्तेमाल किया गया है।
चीजें देने के लिए होगा रिमोट कंट्रोल वाले उपकरण का इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि- वार्ड में मरीजों की देखभाल में भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मरीजों को रिमोट कंट्रोल वाले एक उपकरण के माध्यम से पानी, भोजन, दवाइयां आदि दी जाएंगी। यानी मरीजों की देख-भाल के लिए किसी किसी स्वास्थ्यकर्मी को वार्ड में नहीं जाना पड़ेगा। केबीएस सिद्धू के अनुसार- 'चिकित्सा और सहायक कर्मचारियों ने इसकी सराहना की है।'
शिक्षा विभाग 10 हॉस्टलों को बनाएगा कोविड केयर आइसोलेशन सेंटर
राज्य के शिक्षा विभाग ने अपने 10 मेटोरियस स्कूलों के हॉस्टल को कोविड केयर आइसोलेशन केंद्रों के रूप में परिवर्तित करने का प्रण लिया है, जिनकी क्षमता 8,346 बेड की होगी। अधिकारियों के मुताबिक- स्वास्थ्य सेवा के कर्मचारी करीब 200 कक्षाओं का उपयोग कर सकते हैं। उपायुक्त शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा कि अमृतसर में कोविड केयर सेंटर 30 अप्रैल को कमिशनिंग के पहले चालू हो जाएगा।
सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस संभालेगी
उन्होंने कहा कि केंद्र में एक काउंसलिंग और कपड़े धोने का केंद्र भी होगा। वहीं केंद्र की बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस (Police) को सौंपी गई है। गौरतलब है कि अमृतसर में अब तक 14 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है।