
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की दूसरी लहर से अब तक देश पूरी तरह उबर नहीं पाया है कि कोरोना की तीसरी लहर ( Coronavirus Third Wave ) ने दस्तक दे दी है। देश में कोरोना की तीसरी लहर का असर दिखने लगा है। कुछ राज्यों में तेजी से कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हो रही, खास तौर पर बच्चों में इस महामारी के केज दर्ज किए जा रहे हैं।
ताजा मामला कर्नाटक राज्य का है। जहां बेंगलूरु में महज पांच दिन में 242 बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस आंकड़े ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में ये आंकड़े बढ़ सकते हैं। इन मामलों को तीसरी लहर की दस्तक के रूप में देखा जा रहा है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर ने देश को हिला कर रख दिया था। ऑक्सीजन की कमी से ही सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक लगातार तीसरी लहर को लेकर अलर्ट है। अब तीसरी लहर आहट सुनाई देने लगी है।
विशेषज्ञ पहले की चेतावनी दे चुके हैं कि कोरोना की तीसरी सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में कर्नाटक के बेंगलूरु में सामने आए 242 केस हर किसी के लिए चिंता का कारण बन गए हैं।
बृहत बेंगलूरु महानगर पालिक ( BBMP ) ने कहा कि पिछले पांच दिनों में 19 वर्ष से कम उम्र के 242 बच्चों ने सकारात्मक परीक्षण किया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।
शहर में पिछले पांच दिनों में 9 साल से कम उम्र के 106 बच्चेऔर 9 से 19 साल के बीच के 136 बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट करते हुए कहा है कि इन आंकड़ों में आगे इजाफा हो सकता है। लिहाजा कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए।
तीन गुना तक बढ़ सकते हैं आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कोरोना के आंकड़ों में तीन गुना तक बढ़ोतरी हो सकती है। जो आने वाले वक्त के लिए बड़े खतरे की घंटी है।
सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन
अधिकारी ने कहा कि, कोरोना से बचाव का सबसे जरूरी तरीका है सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना है। घरों में रहकर, मास्क समेत अन्य प्रोटोकॉल का पालन कर इस खतरे से बचा जा सकता है।
माता-पिता से अनुरोध किया जाता है कि वे बच्चों को घर के अंदर रखें और सभी कोविड -19 मानदंडों का पालन करें।
पहले से लागू है वीकेंड कर्फ्यू
कर्नाटक में कोरोना के 1,338 नए मामले सामने आए और 31 लोगों की मौत हो गई। यही वजह है कि कर्नाटक सरकार ने पहले ही सभी जिलों में नाइट और वीकेंड कर्फ्यू का आदेश दिया है।
केरल-कर्नाटक, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमाओं पर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। 72 घंटे से कम का आरटीपीसीआर टेस्ट दिखाने वालों को ही राज्य में प्रवेश की अनुमति होगी।
वैक्सीनेशन बढ़ाने पर जोर
कर्नाटक में पिछले एक महीने से रोजाना करीब 1,500 नए केस दर्ज किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने वैक्सीन की खुराक को लगभग 65 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ प्रति माह करने का वादा किया है।
अगले महीने आ सकती है बच्चों की वैक्सीन
बच्चों की वैक्सीन को लेकर ट्रायलों का दौर चल रहा है। अगले महीने यानी सितंबर में बच्चों के लिए कोरोना का टीका आने की उम्मीद है।