क्लीनिकल ट्रायल के फेज 3 में कोविड-19 वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) 90 फीसदी साबित हुई। अमरीकी फार्मा दिग्गज फाइजर ने सोमवार को जारी किए परीक्षण के निष्कर्ष। नतीजों में कोरोना वायरस को रोकने की वैक्सीन की क्षमता का प्रमाण मिलता है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस बीमारी ( covid-19 vaccine ) को लेकर अमरीकी फार्मास्युटिकल दिग्गज फाइजर और जर्मन बायोटेक फर्म बायोएनटेक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन को लेकर सोमवार को बड़ी खबर सामने आई। फाइजर द्वारा सोमवार को जारी क्लीनिकल ट्रायल के फेज 3 ट्रायल में यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने के लिए 90 फीसदी प्रभावी बताई गई।
फाइजर कंपनी के चेयरपर्सन और सीईओ अल्बर्ट बौर्ला ने कहा, "हमारे कोविड-19 वैक्सीन ट्रायल के फेज 3 के पहले सेट के नतीजों से कोरोना वायरस को रोकने की हमारी वैक्सीन की क्षमता का प्रारंभिक प्रमाण मिलता है। हम इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट को समाप्त करने में दुनिया भर के लोगों को मदद प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ चुके हैं।"
शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक दो खुराक में दूसरी के सात दिन बाद और पहले के 28 दिनों के बाद मरीजों में सुरक्षा हासिल की गई थी। ये निष्कर्ष 94 प्रतिभागियों द्वारा बीमारी के अनुबंध के बाद किए गए एक अंतरिम विश्लेषण पर आधारित हैं। यह ट्रायल तब तक जारी रहेगा जब तक 164 केस नहीं हो जाते।
अगर शोध आगे दिखाता है कि वैक्सीन के शॉट भी सुरक्षित हैं, तो प्रारंभिक नतीजे कंपनियों के लिए रेगुलेटर्स से एक आपातकालीन-इस्तेमाल स्वीकृति प्राप्त करने का रास्ता साफ करते हैं।
आपूर्ति अनुमानों के आधार पर कंपनियों को इस साल के अंत तक वैश्विक स्तर पर 5 करोड़ वैक्सीन खुराक की आपूर्ति करने की उम्मीद है। वर्ष 2021 में 1.3 अरब से अधिक खुराकों की आपूर्ति की जाएगी।
पिछले साल इसके प्रकोप के बाद से दुनिया में कोरोना वायरस बीमारी ने जमकर कहर बरपाया है और सोमवार को इसके वैश्विक मामले 5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। जबकि मरने वालों की संख्या 12,55,000 से ज्यादा हो चुकी है।