Studies on Coronavirus : चाइनीज़ सेंटर्स ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल ने कोरोना से संक्रमित लोगों पर किया अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के शरीर में इम्यून पॉवर होती है ज्यादा स्ट्रांग
नई दिल्ली। वैसे तो शारीरिक बल (Physical Power) के मामले में महिलाओं को पुरुषों (Men Infected More) के मुकाबले कम माना जाता है, लेकिन कोरोना (Coronavirus) की जंग में ये बात उलटी साबित पड़ती हुई दिखती है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा पुरुषों को है। चाइनीज़ सेंटर्स ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल की ओर से जारी किए गए एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से मरने वालों में पुरुषों की संख्या करीब 2.8 प्रतिशत है। जबकि महिलाओं में ये तादाद 1.7 प्रतिशत है।
चाइनीज़ सेंटर्स ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल ने कोरोना वायरस की जड़ तक पहुंचने के लिए इससे संक्रमित (Infected) 44 हज़ार लोगों पर अध्ययन किया। जांच में पता चला कि कोरोना महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अपना ज्यादा शिकार बना रहा है। इसकी वजह यह हो सकती है कि ज्यादातर पुरुष स्मोकिंग और ड्रिंक करते हैं। इससे उनकी इम्यून पावर इतनी मजबूत नहीं रहती है। जिसकी वजह से वायरस (Virus) का प्रभाव उन पर जल्दी पड़ता है। जबकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले इन चीजों से थोड़ा दूर रहत हैं। इसलिए उनके शरीर में ऑटो-इम्यून डिज़ीज़िस प्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है। तभी ये वायरस से लड़ने में ज्यादा अच्छे से काम करती है।
चीन की ओर से जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक एक आंकड़े के मुताबिक़ धूम्रपान करने के मामले में पुरुष सबसे आगे रहते हैं। इसमें उनकी तादाद करीब 52 प्रतिशत है। जबकि सिर्फ़ तीन प्रतिशत महिलाएं ही ऐसी हैं जो धूम्रपान करती हैं। इसलिए महिलाओं का शरीर फ्लू के टीकों के लिए बेहतर एंटीबॉडी का उत्पादन करती हैं। वहीं अगर कोरोना से मरने वालों की उम्र की बात करें तो वायरस से संक्रमित 0.2 प्रतिशत बच्चे और किशोरों की मौत हुई है। जबकि इसका सबसे ज्यादा असर 80 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 15 प्रतिशत उम्रदराज लोगों की मौत हुई है।