
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बन रहा सिग्नेचर पुल अक्टूबर तक बन कर तैयार हो जाएगा। दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के पास अपर्याप्त फंड होने के कारण कई निर्धारित समयसीमा को चूकने के बाद अब अक्टूबर तक यह सिग्नेचर पुल बनकर तैयार हो जाएगा। सीएम केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त फंड है और सिग्नेचर पुल की अंतिम किश्त को मंजूरी दे दी गई है। पुल के निर्माण में अब कोई बी व्यवधान नहीं बचा है। बता दें कि सिग्नेचर पुल परियोजना को 1997 में मंजूरी मिली थी। यह परियोजना संकरे वजीराबाद पुल में एक दुर्घटना के बाद अस्तित्व में आई थी, जहां एक स्कूल बस यमुना में गिर गई थी। इस दुर्घटना में 22 बच्चे मारे गए थे।
https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1015124382233038849
पुल के निर्माण की कितनी लागत है
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में बन रहा सिग्नेचर पुल परियोजना को 1997 में मंजूरी मिली थी। लेकिन अपर्याप्त फंड की वजह से इस परियोजना में कई वर्षों की देरी हो गई है। शुरुआती दौर में इस परियोजना की लागत 1100 सौ करोड़ रुपए थी लेकिन अब यह बढ़कर 1575 करोड़ रुपए हो गया है। अब इतनी बड़ी राशि लोक निर्माण विभाग के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बन गया है। बता दें कि विभाग ने इस परियोजना के लिए अब तक 1244 करोड़ रुपए जारी कर चुका है।
कब-कब समयसीमा बढ़ाई गई
गौरतलब है कि इस परियोजना की संकल्पना 2004 में की गई थी और इसके लिए दिल्ली कैबिनेट से 2007 में मंंजूरी भी मिल गई थी। इस परियोजना को दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया लेकिन इस समयसीमा में कार्य पूरा नहीं हो सका। जिसके बाद कार्य पूर्ण करने की समयसीमा को बढ़ाते हुए 2013 कर दिया गया। इस बार भी कार्य पूरा नहीं हुआ और फिर अगली समयसीमा बढ़ाकर जून 2016 कर दिया गया और बाद में जुलाई 2017 और फिर बढ़ाकर दिसंबर 2017 किया गया। इतनी बार समयसीमा बढ़ाने के बावजूद भी सिग्नेचर पुल बनकर तैयार नहीं हो पाया है। बता दें कि सिग्नेचर पुल देश का ऐसा पहला पुल है जो कि केबल आधारित पुल है। इस पुल की लंबाई 675 मीटर है जबकि चौड़ाई 35.2 मीटर। यह पुल यमुना नदी के उपर से गुजरते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 1 को वजीराबाद से जोडेगा। साथ ही पूर्वी क्षेत्र की वजीराबाद सड़क को नदी के पश्चिमी तट पर बाहरी रिंग रोड से जोड़ेगा।