च्चे का नाम फाइनल करने के लिए बाकायदा बैलेट पेपर से वोटिंग हुई और खास बात यह है कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने वाले इलाके के पूर्व सांसद नाना पटोले ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
मुंबई। महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में स्थित भंडारा-गोंदिया जिले में एक अजीबोगरीब मामला चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। दरअसल जिस प्रक्रिया से आप अपने जनप्रतिनिधियों का चयन करते थे उसका इस्तेमाल एक बच्चे के नामकरण के लिए किया गया है। बच्चे का नाम फाइनल करने के लिए बाकायदा बैलेट पेपर से वोटिंग हुई और खास बात यह है कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने वाले इलाके के पूर्व सांसद नाना पटोले ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
...इसलिए पड़ी बैलेट पेपर वोटिंग की जरूरत
नवजात के पिता का नाम मिथुन और माता का नाम मानसी बांग बताया जा रहा है। दोनों ने अपने नवजात का नाम रखने के लिए बैलेट पेपर से वोटिंग कराई थी। पिता मिथुन ने कहा कि बच्चे के लिए तीन नाम यक्ष, युवान और यौविक का सुझाव मिला था, लेकिन नाम को लेकर असमंजस में थे। इसलिए हमने बैलेट पेपर की मदद से नाम पर फैसले करने के बारे में सोचा। इस कार्यक्रम में दंपती के परिजनों, मित्रों और रिश्तेदारों के वोट डाले।
...ये नाम हुआ फाइनल
5 अप्रैल को जन्मे बच्चे के नामकरण की वोटिंग 15 जून को कराई गई। मतदान के दौरान सुझावों में मिले तीनों नामों यक्ष, युवान और यौविक को रखा गया था। मिथुन के मुताबिक वोटिंग में कुल 192 लोगों ने शिरकत की। तीनों नामों में से युवान को अधिकतम 92 वोट मिले जिसके बाद बच्चे का नाम युवान रखा गया है।
सांसद रहते हुए इस्तीफा दे चुके हैं नानाभाऊ
गौरतलब है कि कार्यक्रम में शिरकत करने वाला नानाभाऊ पटोले ने 2014 का लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीता था, लेकिन बाद में उन्होंने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया। हाल ही में इस सीट पर उपचुनाव भी हुए थे।