जारी है Coronavirus से जंग Lock down के चलते सुनवाई में आ रही समस्या केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ( CAT ) ने बताई परेशानी
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus in india ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 8000 के पार पहुंच चुकी है जबकि 273 लोग इस घातक वायरस के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। यही कारण है कि राज्य सरकारें केंद्र की मोदी सरकार ( Modi Govt ) से लगातार लॉकडाउन ( Lock down ) अवधि के बढ़ाने की मांग कर रही है।
भले ही लॉकडाउन की वजह से देश में कोरोना वयारस के सामुदायिक फैलाव ( Comminity Transmision ) को रोकने में मदद मिल रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों पर लॉकडाउन ने परेशानी भी बढ़ा दी है। इन्हीं में से एक हैं कोर्ट। जी हां वीडियो कांफ्रेंस के बुनियादी ढांचे के अभाव में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ( CAT ) को लॉकडाउन के दौरान सुनवाई करने में समस्या पेश आ रही है।
लॉकडाउन2 में कुछ अन्य क्षेत्रों को मिल सकती है छूट, बस पूरी करनी होगी ये शर्त
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायधिकरण यानी कैट केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सेवा से जुड़े मामलों का निपटारा करता है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, लॉकडाउन लागू होने के बाद ट्रिब्यूनल की पीठों के लिए काम करना काफी मुश्किल हो गया है, क्योंकि न तो वकील और न ही कैट के कर्मचारी इस स्थिति में हैं कि वे काम पर आ सकें।
'वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है क्योंकि पहले तो आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं और दूसरा लॉकडाउन की वजह से इन्हें खरीदना भी संभव नहीं है।'
कैट की मुख्य पीठ और देशभर में इसकी पीठों की हमेशा यही कोशिश रही है कि जितने ज्यादा हो सकें उतने मामले निपटाए जाएं और ट्रिब्यूनल से संपर्क करने वाले व्यक्तियों की संतुष्टि के लिए काम किया जाए।
दरअसल फरवरी माह तक मामलों के निपटारे की दर अभूतपूर्व रही है। लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में लगे लॉकडाउन ने दर को नीचे गिरा दिया है। अब सुनवाई में समस्या आ रही है।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने और सुनवाई के नियम तय करने का अधिकार दिया। इसके अलावा निचली अदालतों के लिए भी कुछ निर्देश जारी किए हैं।