दुर्गा पूजा और दीपावली के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) का पालन सबसे ज्यादा जरूरी। केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की उपेक्षा से हो सकता है बड़ा नुकसान। देश में कोरोना वायरस प्रसार दर सीरो सर्वे के अनुमानों से कहीं ज्यादा।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार के अनुमानों को लेकर गठित केंद्रीय सरकारी समिति ( Central Government Committee ) के एक सदस्य और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया है कि वर्तमान में देश की करीब 30% आबादी कोविद-19 ( Covid -19 ) से संक्रमित है। फरवरी, 2021 तक 50% आबादी पर कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा बरकरार है।
गणितीय मॉडल ज्यादा कारगर
केंद्रीय सरकारी समिति ने सीरो सर्वे के अनुमानों पर भरोसा करने के बजाय कोरोना प्रसार के गणितीय मॉडल पर भरोसा किया है। समिति के सदस्य मनिंद्र अग्रवाल ने कहा है कि हमने एक नया मॉडल विकसित किया है। इस मॉडल में कोरोना के खतरे में शामिल अप्रमाणित अपुष्ट आबादी को भी ध्यान में रखा गया है। इसलिए हम संक्रमित लोगों को दो श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं। पहला रिपोर्ट किए गए मामले और दूसरा वो मामले जो अभी तक रिपोर्ट नहीं किए गए हैं ।
गाइडलान का पालन जरूरी
केंद्रीय सरकारी समिति ने आगाह करते हुए कहा कि यदि कोरोना को लेकर जारी जरूरी सावधानियों का पालन नहीं किया गया तो आगामी एक महीने में कोरोरा संक्रमण के कुल मामले 26 लाख तक पहुंच सकते हैं। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) और मास्क पहनने जैसे उपायों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
त्योहारी मौसम में कोरोना का खतरा ज्यादा
विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी एक महीने यानि नवंबर के मध्य तक त्योहारों का दौर होने की वजह से संक्रमण का दर बढ़ सकता है। सतर्कता संक्रमण की गति को कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन दुर्गा व दीपावली के दिनों में लोगों ने इन पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो कोरोना से बीमारी के फैलने की गति को कम करने में मदद मिलेगी।
भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
बता दें कि भारत में अब तक कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के 75 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। भारत कुल संक्रमणों के मामले में संयुक्त राज्य अमरीका के दूसरे स्थान पर है। इस मामाले में तीसरे स्थान पर ब्राजील है। फिलहाल भारत में कोविद-19 संक्रमण कम हो रहा है। इसके बावजूद हर रोज 61,390 नए मामले सामने आ रहे हैं।