स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी। हरियाणा में अब तक कुल कोरोना वायरस एक्टिव मरीजों की संख्या 149 है। सेवानिवृत्त डॉक्टरों को भी सरकार एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रख रही है।
नई दिल्ली। हरियाणा सरकार ने गुरुवार को घोषणा की है कि COVID-19 महामारी को राज्य से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर घर में जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेंगी। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा। बड़े पैमाने पर की जा रही इस स्क्रीनिंग का मकसद राज्य से महामारी को पूरी तरह से खत्म करना है।
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने कहा, वर्तमान में हरियाणा में कुल एक्टिव मरीज 149 हैं। COVID-19 मरीज के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। इन एडवाइजरी को हरियाणा में भी लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए गए हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन व बफर जोन की परिभाषाएं अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा, हरियाणा में जिन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, उनको पूरी तरह से सील कर दिया गया है और इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं को मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कंटेनमेंट जोन में प्रतिदिन सैनेटाइजेशन किया जाए और पूरे राज्य में दूसरे चरण के तहत सैनेटाइजेशन किया जाएगा।
विज ने कहा, राज्य के बैंक परिसरों, सब्जी मंडियों, बाजार, किराना दुकानों, केमिस्ट की दुकानों के साथ-साथ राशन डिपोधारकों को कहा गया है कि वे अपने इन प्रतिष्ठानों में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखें, यदि कोई प्रतिष्ठान सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में विफल होता है तो उसे प्रतिष्ठान खोलने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
हरियाणा सरकार ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) को पत्र लिखा है कि कोरोना वायरस महामारी की स्थितियों को देखते हुए वे निजी डाक्टरों को उनके प्राइवेट क्लीनिक खुलवाने के लिए कहें। ऐसा होने पर आम जनता का अन्य बीमारियों व समस्याओं का इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, स्वास्थ्य विभाग को सेवानिवृत्त डाक्टरों को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के लिए कहा गया है ताकि इस महामारी से भली प्रकार से निपटा जा सके। अभी तक 197 डाक्टरों ने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है और वेटिंग लिस्ट के 58 डाक्टरों को ज्वाइनिंग लेटर देने का फैसला किया है।