दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वालों के लिए किया 5 कब्र रिजर्व कब्रिस्तान कमेटी के महासचिव मसरूर सिद्दीकी ने जताई चिंता समस्या का समाधान निकालने के लिए दिल्ली सरकार से मांगी मदद
नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस ( coronavirus ) से मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह से केजरीवाल सरकार ( Kejriwal Government ) के समक्ष नई समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड ( Delhi Wakf Board ) की रिंग रोड से सटे जदीद कब्रिस्तान ( Kabristan ) सहित 5 कब्रिस्तानों को कोरोना से मरने वालों के लिए आरक्षित ( Reserve ) घोषित कर दिया है। अब इसको लेकर ख़बरें आ रही हैं कि कोरोना से मौतें अब ज्यादा हो रही हैं और कब्रिस्तान में जगह कम पड़ रही हैं।
जदीद कब्रिस्तान कमेटी के महासचिव मसरूर सिद्दीकी का कहना है कि फिलहाल तो जगह की कमी नहीं है लेकिन अगर इसी तरह से सिलसिला चलता रहा तो जगह कम भी पड़ सकती है।
मसरूर सिद्दीकी का कहना है कि दिल्ली में 5 कब्रिस्तानों को कोरोना के शिकार हुए लोगों को दफनाने के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें जदीद कब्रिस्तान के अलावा द्वारका सेक्टर-24, मदनपुर खादर, मंगोलपुरी और शास्त्री पार्क का एक कब्रिस्तान शामिल है। बाकी के कब्रिस्तानों में लोकल लोगों के विरोध और टकराव से बचने की वजहों से दफन नहीं हो पा रहा है और सारा लोड इसी कब्रिस्तान पर आ गया है।
सोमवार तक 101 लोगों को कोरोना के प्रोटोकॉल ( Corona Protocol ) के तहत आरक्षित कब्रिस्तानों में दफन किया जा चुका है। सिर्फ सोमवार को ही इस प्रोटोकॉल के तहत 10 लोगों को दफन किया गया।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर किसी को दफन किए जाने के मुकाबले कोरोना से हुई मौत वालों को दफनाना न सिर्फ पेचीदा और खर्चीला है बल्कि इसमें सावधानी रखने और तालमेल का काम भी अहम हो गया है। आम कब्र जहां तीन फीट गहरी खोदी जाती है वहीं कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 12 से 15 फीट गहरी कब्र खोदी जाती है और इस काम में जेसीबी मशीन को लगाना पड़ता है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हमने दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) से मदद मांगी है।