चार दलित परिवारों ने 2016 में गो रक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। अब सैकड़ों दलित परिवारों ने धर्म बदलकर बौद्ध धर्म अपनाने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित उना तहसील के दलित परिवारों ने अपने धर्मांतरण का ऐलान किया है। दरअसल चार दलित परिवारों ने 2016 में गो रक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इनके साथ सैकड़ों दलित परिवारों ने धर्म बदलकर बौद्ध धर्म अपनाने का ऐलान किया है।
कलेक्टर को मिली सैकड़ों परिवारों के धर्मांतरण की सूचना
दलित परिवारों के धर्मांतरण का यह कार्यक्रम गिर सोमनाथ जिले के मोटा समाढियाला गांव में आयोजित किया जाएगा। आपको बता दें कि गो रक्षकों ने इसी गांव में दलितों के साथ मारपीट की थी। जिस सरवैया परिवार के चार लोग मारपीट के शिकार हुए थे उसके एक ने मीडिया को बताया, 'हम 20 अप्रैल को कलेक्टर को 29 अप्रैल को बौद्ध धर्म अपनाने के बारे में सूचित कर चुके हैं। हमने अपने समुदाय के सदस्यों एवं अन्य से कार्यक्रम के लिए समर्थन की मांग की है। कार्यक्रम में सैकड़ों दलित बौद्ध धर्म अपनाएंगे।'
यह है पूरे विवाद की जड़
जुलाई 2016 में मोटा समाढियाला गांव के सरवैया परिवार के चार सदस्यों सहित सात दलितों का जुलूस निकाला गया था और उनके साथ मारपीट की गई थी। यह काम कथित रूप से मृत गाय का चमड़ा उतारने के कारण किया गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर हंगामा मचा था।
उना कांड के बाद बढ़ी धर्मांतरण की संख्या
गुजरात के कई जिलों में मिलाकर हजारों दलित परिवार अब तक बौद्ध धर्म अपना चुके हैं। एक सामाजिक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, उना की घटना से पहले हर साल करीब 500 से 600 धर्मांतरण के मामले सामने आते थे, लेकिन इसके बाद धर्मांतरण करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।