
नई दिल्ली। गुरुद्वारा पंजा साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान गई सिख महिला के धर्मान्तरण और निकाह के मामले में अब लाहौर हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय से कहा कि इस मामले में 30 दिनों के अंदर फैसला लें। आपको बता दें कि कोर्ट पहले ही महिला के नाम से लिखी गई चिट्ठी के माध्यम से की गई वीजा अवधि विस्तार की सिफारिश को मंजूरी दे चुकी है। अब गृह मंत्रालय को यह फैसला लेने का आदेश दिया है कि महिला के वीजा को छह माह तक बढ़ाया जा सकता है या नहीं।
महिला के ससुर ने की थी सरकार से मदद की मांग
आपको बता दें कि जिस महिला को लेकर पूरा मामला चल रहा है वो पंजाब के होशियारपुर की रहने वाली किरण बाला है। विधवा किरण तीन बच्चों की मां हैं। गौरतलब है कि उनके ससुर तरसेम सिंह ने मोदी सरकार और पंजाब की कैप्टन सरकार से कहा था कि उनकी बहू को आईएसआई ने फंसा दिया है। उन्होंने सरकार से किरण को बचाने की अपील की थी।
यह है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, किरणबाला 12 अप्रैल को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ 12 अप्रैल को गुरुद्वारा पंजा साहिब की यात्रा पर गई थी। लेकिन 16 अप्रैल को वह लापता हो गई। किरण के पास 21 अप्रैल तक का वीजा था। लेकिन इस बीच खबर आई कि उन्होंने इस्लाम कबूल कर पाकिस्तानी नागरिक मुहम्मद आजम से निकाह कर लिया। हालांकि बाद में यह भी बात सामने आई कि किरण को धर्मांतरण और निकाह के लिए मजबूर किया गया था।
किरण के ससुर ने लगाई गुहार- बचा लो सरकार
यह है पाकिस्तान का कानून
किरण बाला (धर्मांतरण के बाद आमना बीबी) के नाम से एक चिट्ठी लिखी गई थी, जिसमें वीजा अवधि के विस्तार की सिफारिश की गई थी। किरण ने कथित तौर पर भारत में खुद की हत्या की आशंका जताते हुए पाकिस्तानी गृह मंत्रालय से वीजा अवधि बढ़ाने की मांग की थी। आपको बता दें कि पाकिस्तानी कानून के अनुसार, किरणबाला एक माह तक पाकिस्तान में रह सकती है और अगर उसे छह माह का वीजा विस्तार मिल जाता है, तो वह पाकिस्तानी नागरिकता हासिल करने के योग्य हो जाएगी।
Published on:
22 Apr 2018 03:40 pm
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