
जालंधर। पंजाब में शनिवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर हुआ बवाल समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। कई वरिष्ठ और महत्वपूर्ण विधायक मंत्रिमंडल में स्थान न मिल पाने के कारण नाराज बताए जा रहे हैं। मन जा रह है कि कुछ लोग पार्टी में पदों से अपने इस्तीफा तक दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि वरिष्ठता सूची में शामिल कई विधायक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ आवाज़ उठाने की कोशिश में लग गए हैं। बता दें कि कल शनिवार को पंजाब मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था जिसमें 9 नए मंत्रियों को शामिल किया गया था।
नवजोत सिद्धू और मनप्रीत बादल नाराज
बताया जा रह है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने 2 कैबिनेट मंत्रियों की नाराजगी भारी पड़ सकती है। नवजोत सिंह सिद्धू व मनप्रीत बादल की नाराजगी उस समय खुलकर सामने आ गई जब दोनों नेता नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम में भाग लेने राजभवन तो पहुंचे परंतु बिना कोई जलपान किए वहां से वापस लौट गए। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में अपने समर्थक विधायकों को मंत्री न बनाये जाने से दोनों नेता नाराज है। यह भी बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर दोनों नेता पंजाब कांग्रेस नेतृत्व से पहले से नाराज चल रहे हैं। कुछ विधायकों ने उन्हें वहां रुकने का आग्रह भी किया परंतु वह नही माने।
राहुल के करीबी हैं दोनों नेता
नवजोत सिंह सिद्धू व मनप्रीत बादल दोनों पार्टी में राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। माना जाता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के भारी विरोध के बाद भी राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को कांग्रेस ज्वाइन कराई थी। अब सिद्धू व मनप्रीत की सिफारिशों को पूरी तरह से अनदेखा कर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोनों नेताओं को राजनीतिक पटखनी देने का प्रयास किया है। अमरिंदर सिंह ने अब तक पंजाब कांग्रेस को अपने हिसाब से चलाया है, ऐसे में इस बात की पूरी संभावना थी कि वह सिद्धू के सिफारिशी उम्मीदवार को मंत्री नहीं बनाएंगे। अपने खिलाफ रोड रेज मामले में पंजाब सरकार द्वारा सुप्रीमकोर्ट में सजा बरकरार रखे जाने की दलील भी सिद्धू की नाराजगी का एक वजह बताई जा रही है।
Published on:
22 Apr 2018 11:32 am
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