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केमिकल हमले की जांच को सीरिया पहुंची ओपीसीडब्ल्यू की टीम, सामने आया यह सच

विशेषज्ञों ने जांच के लिए नमूने इकट्ठा करने के लिए सीरिया के डौमा का दौरा किया जहां सात अप्रैल को कथित तौर पर रासायनिक हमला हुआ था।
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 Syria to investigate chemical attack

नई दिल्ली। रासायनिक हथियारों के निषेध के लिए काम करने वाले ऑर्गनाइजेश फॉर द प्रॉहिबिशन ऑफ केमिकल वेपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) के विशेषज्ञों ने शनिवार को जांच के लिए नमूने इकट्ठा करने के लिए सीरिया के डौमा का दौरा किया जहां सात अप्रैल को कथित तौर पर रासायनिक हमला हुआ था। ओपीसीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा कि वे स्थिति का मूल्यांकन करेगा और इसके बाद भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई पर विचार करेगा, जिसके तहत डौमा की एक और संभावित यात्रा हो सकती है।

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टीम ने उठाए नमूने

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बयान में कहा गया कि एकत्रित नमूने रिजस्विज्क स्थित ओपीसीडब्ल्यू की प्रयोगशाला में और फिर ओपीसीडब्ल्यू की नामित प्रयोगशालाओं को विश्लेषण के लिए भेजे जाएंगे। नमूनों और टीम द्वारा एकत्र की गई अन्य सूचनाओं और सामग्रियों का विश्लेषण पूरा हो जाने पर ओपीसीडब्ल्यू एक रिपोर्ट तैयार करेगी जो संबंधित पक्षों को रासायनिक हथियार सम्मेलन में प्रस्तुत की

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रूस ने दिया यह बयान

वहीं एक दिन पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने कहा था कि सीरिया में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की व्यापक उपस्थिति की जरूरत है क्योंकि इससे सूचनाएं इकट्ठा करने में मदद मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र के सीरिया के लिए विशेष दूत स्टेफन डी मिस्तुरा के साथ चर्चा के बाद शुक्रवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि रूस इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकता कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां खुद के बजाए अन्य सूत्रों से सचनाएं इकट्ठा कर रिपोर्ट और बयान तैयार करें। लावरोव ने पिछले सप्ताह अमरीका के नेतृत्व में सीरिया पर किए गए हवाई हमलों की आलोचना की थी। हवाई हमले कर अमेरिका और सहयोगी देशों ने सीरिया संकट के निपटारे के लिए जेनेवा वार्ता को दरकिनार कर दिया, वह भी ऐसे समय में, जब रूस, तुर्की और ईरान जेनेवा प्रक्रिया की बहाली की ओर बढ़ रहे थे।