
नई दिल्ली। गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में जानी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (
Defense Minister Rajnath Singh ) शुक्रवार को लद्दाख (Ladakh ) जाएंगे। इस दौरान उनके साथ भारतीय थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे (Army Chief General Manoj Mukund Naravane ) भी होंगे। जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्री और थलसेना अध्यक्ष पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था ( Security system ) और ताजा हालात का जायजा लेंगे। राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh ) सेना अध्यक्ष नरवणे के साथ सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग ( High level meeting ) भी करेंगे। मंत्री राजनाथ सिंह का यह दौरा उस समय हो रहा है, जब लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC ) पर हालात बेहद तनावपूर्व बने हुए हैं।
गौरतलब है कि गलवान घाटी में झड़प के बाद भारत और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में कई जगहों पर भारी गतिरोध बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पूर्वी लद्दाख में सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत और चीन का प्राथमिकता के साथ तीव्र और चरणबद्ध तरीके से गतिरोध को कम करने जरूरत पर जोर है। सूत्रों ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जमीनी स्थिति पहले जैसी ही है और आने वाले दिनों में अधिक सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता होगी।
मंगलवार को दोनों देशों के बीच तीसरे वरिष्ठ सैन्य कमांडर-स्तरीय बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया है। यह चर्चा एलएसी के पास दोनों सेनाओं की आमने-सामने की स्थिति को सही करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए की गई है। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को लंबे समय तक बैठक चली। यह बैठक कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक रूप से आयोजित की गई थी, जो कि 12 घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक मंगलवार की सुबह 10.30 बजे शुरू होकर रात 11 बजे खत्म हुई।