भाजपा ( Bharatiya Janata Party ) को हार मिलती है तो उसे अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव के परिणामों ( Election Results ) में नुकसान सहना पड़ सकता है।
नई दिल्ली। दिल्ली के परिणाम ( Delhi Election Result ) बीजेपी के भविष्य को तय करने वाले हैं। अब तक आए परिणामों में आप को पूर्ण बहुमत मिल रहा है। वहीं बीजेपी को एक दर्जन सीट ही मिलती दिख रही है। चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 40 से 45 सभाएं रखीं। इसके बावजूद बीजेपी को काफी कम सीटें मिलती नजर आ रही हैं। ऐसे में चुनाव में अगर भाजपा को हार मिलती है तो उसे अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव के परिणामों ( Election Result ) में नुकसान सहना पड़ सकता है।
प्रचार के दौरान दिल्ली में सीएम अरविंद केजरीवाल बिजली,पानी और शिक्षा पर अपनी पकड़ बनाए हुए थे। उन्होंने शुरू से ही इन मुद्दों को सामने रखा। आम जनता में वह इन मुद्दों को भुनाने में कामयाब रहे। हालांकि साढ़े चार साल तक केजरीवाल ने अपने एजेंडे को तय नहीं कर पाए थे। इसके बावजूद आखिरी समय में उन्होंने बिजली और पानी के मुद्दों को उठा आम जनता का मन जीत लिया। वहीं बीजेपी शाहीन बाग के मुद्दों को प्रमुखता से लेकर चली। उसने स्थानीय मुद्दे को नहीं तवज्जों नहीं दी।
बीजेपी ( BJP ) अब अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव की ओर बढ़ेगी। इसमें पश्चिम बंगाल, बिहार के चुनाव (Election In Bihar) अहम होंगे। यहां पर बीजेपी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। यहां पर स्थानीय मुद्दों को लेकर वोट पड़ने की संभावनाएं बढ़ सकती है। नए-नए भाजपा के अध्यक्ष बने जगत प्रकाश नड्डा के लिए अब आने वाले समय में अपनी रणनीति पर का काम करना होगा। दिल्ली के चुनाव नतीजे ( Delhi chunav result 2020 ) जल्द सामने आ जाएंगे। अगर बीजेपी को 20 से भी कम सीटें मिलती हैं तो यह पार्टी के चिंता का विषय होगा।