उत्तर भारत में हो रही झमाझम बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रही पानी ने दिल्ली को संकट में डाल दिया है।
नई दिल्ली। उत्तर भारत में हो रही झमाझम बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रही पानी ने दिल्ली को संकट में डाल दिया है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रही पानी ने यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा है। आलम यह है कि प्रशासन ने उत्तर दिल्ली को पूर्वी दिल्ली से जोड़ने वाले पुराने यमुना पुल को बंद कर दिया गया है, क्योंकि यमुना नदी का पानी रविवार को खतरे के निशान को पार कर गया। बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जलस्तर 205.52 मीटर के स्तर पर पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने शाम 8.25 बजे पुल को बंद करने का आदेश जारी किया। अधिकारी ने कहा कि चूंकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लिहाजा किसी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए पुल पर यातायात बंद कर दिया गया है।
वहीं, लगातार हो रही बारिाश् और यमुना के बढ़ते जलस्तर हरियाणा के कई गांव समेत दिल्ली के दर्जनों इलाकों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। दिल्ली के जिन इलाकों को भारी खतरा है उनमें वजीराबाद, गढ़ी, मांडू, शास्त्री पार्क, गीता कॉलोनी, गांधी नगर, सोनिया विहार, जगतपुर गांव, यमुना बाजार, ओखला, बाटला हाउस, सराय काले खां, मदनपुर खादर और राजघाट प्रमुख हैं। आज यानी सोमवार सुबह के हालातों पर नजर डालें तो 6 बजे तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान यानि 204.83 से काफी ऊपर 205.62 तक पहुंच गया है। वहीं बताया जा रहा कि हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी आज दिल्ली में प्रवेश करेगा, जिससे हालात और बिगड़ने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, रविवार को ही हथिनी कुंड बैराज से 2.53 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे यमुना के जलस्तर में भारी इजाफा हो गया है। वहीं, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खटटर ने रविवार को हेलिकॉप्टर से हथिनी कुंड बैराज का सर्वे किया। सीएम ने इस दौरान बाढ़ से प्रभावित किसानों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।