Delhi में लॉन्च हुई electric vehicle policy, मुख्यमंत्री Arvind Kejriwalने बताया देश की सबसे प्रगतिशील नीति। अगले पांच वर्षों में पांच लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण का लक्ष्य, एक साल के भीतर 200 चार्जिंग स्टेशन। delhi govt देगी ई-वाहनों पर सब्सिडी ( subsidy on Electric vehicles ) देने के साथ ही रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी छूट।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और प्रदूषण के स्तर को कम करने के उद्देश्य से शुक्रवार को दिल्ली सरकार ( delhi govt ) ने नई वाहन नीति ( vehicle policy ) को लागू किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक ( e vehicle ) वाहन नीति को अधिसूचित किया है। यह नई नीति अर्थव्यवस्था बढ़ाने और प्रदूषण कम करने में मदद करेगी।
केजरीवाल ने कहा, "यह इलेक्ट्रिक वाहन नीति ( electric vehicle policy 2018 ) देश की सबसे प्रगतिशील नीति है और हमें उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में यहां पर 5 लाख नए इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकृत किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू करने के लिए 'ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) सेल' की स्थापना की जाएगी।"
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन नीति को तीन साल के लिए बनाया गया है और इस अवधि के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। नवीनतम नीति के अंतर्गत फिलहाल वर्ष 2024 तक 25 फीसदी नए इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह नीति नए-नए रोजगार भी सृजित करेगी। इस वाहन नीति का मकसद दिल्ली ( delhi ) को देश की इलेक्ट्रिक व्हीकल कैपिटल के रूप में स्थापित करना है। इस इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत दिल्ली सरकार नए वाहनों को खरीदने पर सब्सिडी ( subsidy on Electric vehicles ) भी देगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई वाहन नीति के तहत दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन की खरीदारी पर 30 रुपये तक जबकि कार खरीदने पर 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाने की योजना है। जबकि ई-रिक्शा आदि वाहनों पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इतना ही नहीं पुराने वाहन की बिक्री पर भी सरकार छूट देगी और इन वाहनों पर ना तो रोड टैक्स लगेगा और ना ही रजिस्ट्रेशन फीस।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग को लेकर केजरीवाल ने बताया कि समूची दिल्ली के भीतर ई-व्हीकल्स के लिए चार्जिंग स्टेशन का व्यापक नेटवर्क बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर 200 चार्जिंग स्टेशन बना दिए जाएं। इस नीति को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहन बोर्ड का भी गठन करेगी।
बता दें कि दिल्ली को वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के लिए जाना जाता है जो दिवाली के आसपास 400-AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के निशान से आगे निकल जाता है। जहां 0-50 के बीच एक AQI अच्छा माना जाता है, 51-100 संतोषजनक है, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर/खतरनाक के रूप में चिह्नित है।
इतना ही नहीं बताया जाता है कि दिल्ली की आबोहवा में 40 फीसदी PM 2.5 और NOx के साथ ही CO का 80 फीसदी हिस्सा वाहनों के चलते ही मौजूद होता है।