
नई दिल्ली। एक तरफ सिविल पुलिस पर आये दिन तरह-तरह के आरोप लगते रहते हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। ताजा मामले में दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने न केवल एक रेप पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया, बल्कि 9 महीने की गर्भवती को 3 पुलिसकर्मियों ने अपना खून देकर उसकी जान भी बचाई।
इन घटनाक्रमों के बीच झारखंड की गर्भवती रेप पीड़ित महिला ने नई दिल्ली एम्स में एक बच्ची को जन्म दिया है। पुलिस के नेक प्रयास से महिला और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ्य हैं।
इस बारे में दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने बताया कि 1 सितंबर को फतेहपुर बेरी थाने में 20 साल की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह झारखंड की रहने वाली है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि झारखंड के ही एक व्यक्ति ने नौकरी और शादी का झांसा देकर 8 माह पूर्व दिल्ली ले आया। इन दौरान वह रेप करता रहा। महिला ने बताया कि गर्भवती होने के बाद आरोपी उसे अकेला छोड़कर भाग गया।
गर्भवती रेप पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को झारखंड से 2 दिन के अंदर गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी अतुल ठाकुर ने बताया कि गर्भवती महिला को 19 सितंबर को प्रसव पीड़ा हुई। पीड़िता ने ये बात केस की जांच अधिकारी महिला सब इंस्पेक्टर नितेश को बताई। नितेश ने ये बात एसएचओ कुलदीप सिंह को बताई।
आपस में बातचीत के बाद थाना पुलिस ने पीड़ित महिला को एम्स में भर्ती कराया, लेकिन ज्यादा रक्तस्राव से महिला की जान खतरे में पड़ गई। उसे खून की जरूरत थी। महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए फतेहपुर बेरी थाने की 3 सिपाहियों योगेश, राहुल और संदीप ने महिला को खून देकर उसकी जान बचाई।
तबीयत में सुधार के बाद पीड़िता ने एम्स में एक बच्ची को जन्म दिया। अब मां और बेटी दोनों स्वस्थ्य हैं। गर्भवती रेप पीड़िता ने जिंदगी और मौत की घड़ी में दिल्ली पुलिस को इस मदद के शुक्रिया कहा है। महिला ने कहा कि दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) मौके पर सहायता न करती तो न तो मैं जिंदा बचती न ही मेरी बच्ची।